अल्लाह के नाम पर सीने पर ग्रेनेड लगाकर फटने की ट्रेनिंग, जैश और TTP बच्चों को बना रहे जिहादी, VIDEO

इस्लामाबाद से मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान में दो अलग-अलग कट्टरपंथी समूहों- जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के प्रशिक्षण शिविरों से वीडियो सामने आए हैं.

Jaish and TTP are giving training to children to explode bombs
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इस्लामाबाद से मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान में दो अलग-अलग कट्टरपंथी समूहों- जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के प्रशिक्षण शिविरों से वीडियो सामने आए हैं. इन वीडियो में बच्चों को हथियारों, जिहादी गतिविधियों और हिंसक मिशनों के लिए तैयार करने का दावा किया गया है. यह घटनाएँ पाकिस्तान में सुरक्षा और मानवाधिकार की गंभीर स्थिति पर सवाल खड़े करती हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि इन वीडियो से पाकिस्तान में बढ़ते आतंकवाद और कट्टरपंथी विचारधारा की पैठ का पता चलता है. रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि बच्चों को सैन्य और हिंसक गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित करने के मामले पहले भी देखे गए हैं, जो देश में कानून और सामाजिक सुरक्षा की चुनौती को दर्शाते हैं.

जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का प्रशिक्षण शिविर

पहला वीडियो जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविर का बताया गया है. इसमें कम उम्र के किशोरों को लाइन में खड़ा करके प्रशिक्षित किया जाता दिखाया गया है. वीडियो के अनुसार, बच्चों को हथियारों और आत्मघाती हमलों से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे प्रशिक्षण शिविर बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास के लिए बेहद हानिकारक हैं. उनका उपयोग केवल हिंसा फैलाने और आतंकवादी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है.

तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का प्रशिक्षण

दूसरा वीडियो TTP का बताया गया है, जो पाकिस्तान में कट्टरपंथी इस्लामी शासन लागू करने की कोशिश करता रहा है. इस वीडियो में भी छोटे बच्चों को झंडा ले कर मार्च करने और जिहादी विचारों के प्रचार में शामिल दिखाया गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि इन गतिविधियों में बच्चों को सामाजिक और धार्मिक रूप से प्रभावित किया जा रहा है, जो उनकी सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के लिए खतरा है.

विशेष रूप से TTP पाकिस्तान में स्थानीय सैनिक और नागरिकों पर हमले करता रहा है, जबकि JeM का लक्ष्य भारत को निशाना बनाना होता है. दोनों ही समूहों की विचारधारा हिंसक और कट्टरपंथी है.

पाकिस्तान में आतंकवाद की स्थिति

पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर पीस स्टडीज की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में पाकिस्तान में लगभग 699 आतंकवादी घटनाएँ हुईं. वहीं पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज के आंकड़े 1063 घटनाओं का जिक्र करते हैं. इन हमलों में कुल 1034 लोग मारे गए, जिनमें आम नागरिक, सेना और पुलिस के जवान शामिल थे.

सुरक्षा बलों पर हुए हमलों की संख्या 437 बताई गई है. यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि पाकिस्तान में आतंकवाद की समस्या बढ़ती जा रही है और सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती है.

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