न्यूयॉर्क/नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र (UN) की स्थापना के 80 वर्ष पूरे होने पर भारत ने दुनिया को साफ संदेश दिया है, "सब कुछ ठीक नहीं है". विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में आयोजित विशेष कार्यक्रम में कहा कि संयुक्त राष्ट्र अपनी बुनियादी जिम्मेदारियों को निभाने में असफल साबित हो रहा है. उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक हालात, बढ़ते संघर्ष, अविश्वास, आतंकवाद और असमानताओं के बीच शांति की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र उस भूमिका को निभाने में विफल रहा है जिसके लिए उसकी स्थापना की गई थी.
जयशंकर ने अपनी बात की शुरुआत स्पष्ट शब्दों में की, "All is not well with the UN," यानी "संयुक्त राष्ट्र में सबकुछ ठीक नहीं है."
उन्होंने कहा कि वैश्विक संस्थानों में लिए जा रहे निर्णय अब ध्रुवीकृत (polarised) हो चुके हैं और वे दुनिया की वास्तविक आवश्यकताओं या भू-राजनीतिक संतुलन को नहीं दर्शाते. विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि अगर संयुक्त राष्ट्र को प्रासंगिक बने रहना है, तो उसे जल्द ही गंभीर सुधारों (structural reforms) की दिशा में कदम उठाने होंगे.