कौन हैं जैसलमेर के जलालुद्दीन? जो बनना चाहते हैं देश के उपराष्ट्रपति, चुनाव लड़ने के लिए दाखिल किया नामांकन

Jalaluddin Vice President Nomination: जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद देश में उपराष्ट्रपति चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं. इस बार यह चुनाव 9 सितंबर को होना तय हुआ है, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 21 अगस्त रखी गई है.

Jalaluddin from Rajasthan files nomination for Vice President post in Jaisalmer
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Jalaluddin Vice President Nomination: जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद देश में उपराष्ट्रपति चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं. इस बार यह चुनाव 9 सितंबर को होना तय हुआ है, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 21 अगस्त रखी गई है. इसी बीच राजस्थान के जैसलमेर से एक युवा प्रत्याशी जलालुद्दीन ने भी इस प्रतिष्ठित चुनाव में भाग लेने का फैसला किया है. उनका नामांकन दाखिल करते ही वे चर्चा में आ गए हैं.

नामांकन के साथ शुरू हुई राजनीतिक यात्रा

38 वर्षीय जलालुद्दीन ने 11 अगस्त को राज्यसभा कार्यालय पहुंचकर 15 हजार रुपए डिपॉजिट जमा कर अपना नामांकन दाखिल किया. इससे पहले वे कई बार चुनावी मैदान में उतर चुके हैं. उन्होंने वार्ड पंच, विधानसभा और लोकसभा चुनाव में भी अपनी किस्मत आजमाई है. हालांकि पहले कई बार नामांकन वापस भी लिया, लेकिन इस बार उन्होंने साफ कर दिया है कि उपराष्ट्रपति पद के लिए भरा गया नामांकन वे वापस नहीं लेंगे. उनका मानना है कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को चुनाव लड़ने का अधिकार है और वे इस सिद्धांत को मजबूत करना चाहते हैं.

लोकतंत्र और युवाओं के लिए संदेश

जलालुद्दीन जैसलमेर के भागूका गांव से हैं और वर्तमान में जयपुर के हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं. उनका कहना है कि उपराष्ट्रपति चुनाव में भाग लेकर वे लोकतंत्र के उत्सव को मजबूत करना चाहते हैं. साथ ही उन्होंने खास तौर पर मुस्लिम समुदाय के युवाओं को प्रेरित किया है. उनका मानना है कि उनकी पहल से मुस्लिम समुदाय के युवा पढ़ाई और राजनीतिक भागीदारी के प्रति जागरूक होंगे, क्योंकि आज भी इस समुदाय में शिक्षा की कमी एक बड़ी चुनौती है.

परिवार और भविष्य की उम्मीदें

जलालुद्दीन के परिवार में दो भाई डॉक्टर हैं और उनके दो बच्चे भी हैं. उन्होंने अपने नामांकन को न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि माना, बल्कि इसे एक सामाजिक और राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा. उनका उद्देश्य लोकतंत्र में हर व्यक्ति को भागीदारी का अवसर देना और अपनी समुदाय की आवाज़ को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना है.

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