साल का पहला महीना और लोगों के लिए बना ‘Divorce मंथ’, जानें क्यों और कैसे

Janaury Called Divorce Month: नया साल आते ही लोग अपनी ज़िंदगी को नए सिरे से देखने लगते हैं. जनवरी का महीना सिर्फ कैलेंडर का पहला पन्ना नहीं होता, बल्कि यह आत्ममंथन, फैसलों और बदलावों का प्रतीक भी बन जाता है.

Janaury Called Divorce Month know why
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Janaury Called Divorce Month: नया साल आते ही लोग अपनी ज़िंदगी को नए सिरे से देखने लगते हैं. जनवरी का महीना सिर्फ कैलेंडर का पहला पन्ना नहीं होता, बल्कि यह आत्ममंथन, फैसलों और बदलावों का प्रतीक भी बन जाता है. सोशल मीडिया पर “न्यू ईयर, न्यू मी” जैसे जुमले छाए रहते हैं और इसी माहौल में कई लोगों को यह एहसास होने लगता है कि जिस शादी में वे हैं, वह अब उस जीवन से मेल नहीं खाती, जिसकी वे कल्पना करते हैं.


जनवरी में लोग बड़े-बड़े संकल्प लेते हैं. कोई सेहत सुधारना चाहता है, कोई करियर बदलना, तो किसी के लिए यह फैसला अपनी शादी से बाहर निकलने का होता है. अमेरिका में सामने आए आंकड़ों और कानूनी विशेषज्ञों के अनुभव बताते हैं कि जनवरी में तलाक से जुड़े मामलों में अचानक बढ़ोतरी देखी जाती है. कई वकीलों और थेरेपिस्ट्स का मानना है कि नया साल लोगों को एक तरह की “क्लोज़र” की भावना देता है, जिससे वे लंबे समय से टाले जा रहे फैसलों पर अमल करने का साहस जुटा पाते हैं. इसी वजह से जनवरी को अनौपचारिक तौर पर “डिवोर्स मंथ” कहा जाने लगा है, हालांकि यह कोई आधिकारिक उपाधि नहीं है.

आखिर जनवरी को ‘डिवोर्स मंथ’ क्यों कहा जाता है?

नए साल की शुरुआत को लोग “नई शुरुआत” के रूप में देखते हैं और कई दंपतियों के लिए इसमें अलग होने का फैसला भी शामिल हो जाता है. कानूनी विशेषज्ञों और फैमिली लॉ फर्म्स के मुताबिक, जनवरी तलाक की अर्जी दाखिल करने का सबसे लोकप्रिय समय माना जाता है. अमेरिकन एकेडमी ऑफ मैट्रिमोनियल लॉयर्स की अध्यक्ष और ह्यूस्टन की तलाक वकील सुसन मायर्स के अनुसार, यह ट्रेंड 1970 और 1980 के दशक में उभरना शुरू हुआ, जब बेबी बूमर पीढ़ी में तलाक की दर तेजी से बढ़ी. यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन के एक चर्चित अध्ययन में सामने आया कि बीते कुछ दशकों में जनवरी के महीने में तलाक की अर्ज़ियों में औसतन 33 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि नवंबर और दिसंबर में यह संख्या करीब 50 प्रतिशत तक गिर जाती है.

आंकड़े क्या कहते हैं?

समाजशास्त्र की प्रोफेसर जूली ब्राइंस और रिसर्च स्कॉलर ब्रायन सेराफिनी ने 2001 से 2015 के बीच कई अमेरिकी राज्यों के आंकड़ों का विश्लेषण किया. उनके अनुसार, यह पैटर्न हर साल और लगभग हर काउंटी में एक जैसा देखने को मिला. रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर जनवरी में फैमिली लॉ वकीलों को साल भर में आने वाली कुल तलाक संबंधी पूछताछ का लगभग 25 से 30 प्रतिशत हिस्सा इसी महीने में मिलता है. 2025 में किए गए एक डिजिटल ट्रेंड एनालिसिस में भी यह पाया गया कि “divorce” और “how to get a divorce” जैसे सर्च टर्म्स की खोज दिसंबर के मुकाबले जनवरी में अचानक बढ़ जाती है.

पहला महीना ही क्यों?

थेरेपिस्ट कैरी ऐन क्लीवलैंड के अनुसार, नया साल लोगों को मनोवैज्ञानिक रूप से “अनुमति” देता है—पुराने अध्याय को बंद कर आगे बढ़ने की. छुट्टियों का समय अक्सर रिश्तों में दरार को अस्थायी तौर पर रोक देता है, लेकिन जनवरी आते ही लोग खुद से सवाल करने लगते हैं—“क्या मैं ऐसे ही एक और साल गुज़ार सकता हूं?”त्योहारों के दौरान ब्रेकअप टाल दिए जाते हैं, जबकि जनवरी उन्हें अमल में लाने का समय बन जाता है.

क्या सभी विशेषज्ञ इससे सहमत हैं?

हर कोई जनवरी को तलाक का महीना मानने से सहमत नहीं है. कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि जनवरी में तलाक की प्रक्रिया शुरू तो होती है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि उसी महीने में पूरी भी हो जाए. उनके अनुसार, “डिवोर्स सीज़न” कहना ज़्यादा सही होगा. सैन डिएगो की लॉ फर्म के संस्थापक डेविड के. विल्किंसन के मुताबिक, नवंबर और दिसंबर में कामकाज धीमा रहने के कारण जनवरी में मामलों की संख्या बढ़ती हुई दिखती है. उनका मानना है कि तलाक की दर कई सामाजिक और व्यक्तिगत कारकों पर निर्भर करती है और मार्च जैसे महीने भी काफ़ी व्यस्त रहते हैं.यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन के अध्ययन में यह भी सामने आया कि मार्च और गर्मियों के अंत में भी तलाक के मामलों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी होती है. अलग-अलग राज्यों में यह ट्रेंड अलग तरह से दिखता है. कहीं मार्च और अगस्त में केस बढ़ते हैं, तो कहीं जनवरी से मार्च का दौर सबसे ज़्यादा सक्रिय रहता है.

क्या छुट्टियों के बाद रिश्ते ज़्यादा टूटते हैं?

छुट्टियों के दौरान पहले से मौजूद समस्याएं और गहरी हो जाती हैं. रिश्तेदारों की मौजूदगी, बढ़ता खर्च और पारिवारिक जिम्मेदारियां तनाव को और बढ़ा देती हैं. खासतौर पर महिलाओं पर घरेलू काम का बोझ बढ़ जाता है, जिससे असंतोष और गहराता है.स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन के अनुसार, छुट्टियों के बाद तलाक की पहल अक्सर पत्नियां ही करती हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि परिवार के साथ ज़्यादा समय बिताने से कई लोगों को यह एहसास हो जाता है कि वे ऐसी ज़िंदगी आगे नहीं जीना चाहते.

अमेरिका में तलाक की मुख्य वजहें

2013 में इंस्टिट्यूट फॉर डिवोर्स फाइनेंशियल एनालिस्ट्स द्वारा किए गए एक सर्वे के मुताबिक, अमेरिका में तलाक के तीन सबसे बड़े कारण बेवफाई, आपसी असंगति और आर्थिक समस्याएं हैं. एक अन्य राष्ट्रीय सर्वे बताता है कि रिश्ते में प्रतिबद्धता की कमी सबसे आम वजह मानी जाती है.

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