कल्पना कीजिए कि एक शांत पहाड़ अचानक धधक उठे, और उसकी राख से पूरा शहर ढक जाए. जापान सरकार ने एक ऐसा ही वीडियो जारी किया है, जो किसी फिल्म जैसा तो लगता है, लेकिन इसके पीछे गंभीर संदेश और चेतावनी छिपी है. यह वीडियो जापान की राजधानी टोक्यो के पास स्थित सक्रिय ज्वालामुखी माउंट फूजी के संभावित विस्फोट को लेकर बनाया गया है. इस वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मदद से तैयार किया गया है.
318 साल पहले फटा था माउंट फूजी
माउंट फूजी का अंतिम बड़ा विस्फोट वर्ष 1707 में हुआ था, जिसे "होई विस्फोट" के नाम से जाना जाता है. तब से यह शांत है, लेकिन यह अब भी एक सक्रिय ज्वालामुखी है. जापान के लोग दशकों से इसके दोबारा फटने की आशंका को लेकर सतर्क हैं. सरकार द्वारा बनाए गए वीडियो का मकसद भी है लोगों को भविष्य के लिए तैयार करना है.
वीडियो में दिखी डरावनी तबाही की तस्वीरें
इस AI-निर्मित वीडियो की शुरुआत होती है एक महिला को मोबाइल पर चेतावनी मिलने से. कुछ ही घंटों में टोक्यो शहर में ज्वालामुखीय राख फैल जाती है, जिससे चारों ओर धुंध छा जाती है.
वीडियो में बताया गया है कि यदि माउंट फूजी में होई जैसा विस्फोट फिर से होता है, तो सिर्फ दो घंटे में राख टोक्यो तक पहुंच सकती है. यह राख न सिर्फ सांस लेने में परेशानी पैदा करेगी, बल्कि बिजली, यातायात और खाद्य आपूर्ति तक ठप कर सकती है.
🚨 Fuji’s been silent for 318 years, but a new AI-generated video shows what an eruption could look like. Japan’s iconic mountain isn’t just a sightseeing spot—it's an active volcano. Are we prepared? 🔥#Fuji #Volcano #Japan #NatureWarning #AI #DisasterPreparedness pic.twitter.com/ydzqGch5ig
— ceanmedia (@cryptoceannews) August 28, 2025
बिना चेतावनी आ सकती है आपदा
वीडियो में खास तौर पर इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि ऐसी घटनाएं बिना किसी पूर्व चेतावनी भी हो सकती हैं. इसलिए जरूरी है कि नागरिक पहले से आपातकालीन तैयारी और बचाव योजना बनाकर रखें. सरकार ने यह वीडियो 'ज्वालामुखी आपदा निवारण दिवस' के मौके पर जारी किया है, ताकि लोग किसी भी परिस्थिति के लिए मानसिक और भौतिक रूप से तैयार रहें.
तैयारी ही है सबसे बड़ा हथियार
इस पहल के ज़रिए जापान सरकार ने सिर्फ एक दृश्यात्मक चेतावनी नहीं दी, बल्कि नागरिकों को जागरूक करने की गंभीर कोशिश की है. सरकार ने कहा है कि माउंट फूजी में फिलहाल विस्फोट की कोई संभावना नहीं है, लेकिन उसकी सक्रियता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. इसलिए जरूरी है कि लोग संभावित परिदृश्यों की कल्पना कर सुरक्षा उपायों को समय रहते अपनाएं.
ये भी पढ़ें: दुनिया में भारत का बजेगा डंका, चंद्रयान-5 पर इसरो और JAXA साथ करेंगे काम, जापान में PM मोदी का बड़ा ऐलान