दिल्ली टेस्ट में जहां एक ओर भारत और वेस्ट इंडीज़ के बीच मुकाबला ज़ोरों पर था, वहीं मैदान पर एक दिलचस्प पल ने क्रिकेट फैंस का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. भारत के तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह, जिन्हें आमतौर पर उनके संयमित स्वभाव के लिए जाना जाता है, एक विवादित अंपायरिंग फैसले पर खुलकर अपनी नाखुशी जताते हुए नज़र आए.
ये दृश्य मैदान पर ही नहीं, बल्कि स्टंप माइक में भी दर्ज हो गया, जहां बुमराह की आवाज़ साफ सुनाई दी आपको भी पता है ये आउट है, लेकिन टेक्नोलॉजी इसे साबित नहीं कर सकती.अब यह क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी है और फैन्स के बीच बहस का मुद्दा बन गई है.
पूरा घटनाक्रम: अपील, डीआरएस और ‘बेनिफिट ऑफ डाउट’
वाकया वेस्ट इंडीज़ की दूसरी पारी के दौरान घटा, जब बल्लेबाज़ जॉन कैंपबेल स्ट्राइक पर थे. बुमराह की एक तेज़ इनस्विंग डिलीवरी सीधा पैड पर जा लगी, और वह स्टंप के सामने बिल्कुल प्लंब लग रही थी. बुमराह को पूरा भरोसा था कि ये एलबीडब्ल्यू का साफ मामला है, लेकिन ऑन-फील्ड अंपायर ने 'नॉट आउट' का इशारा कर दिया. अंपायर को संदेह था कि गेंद शायद बल्ले के भीतरी किनारे से लगकर पैड पर पहुंची है. कप्तान शुभमन गिल और बुमराह ने बिना देर किए डीआरएस लिया.
— crictalk (@crictalk7) October 13, 2025
तीसरे अंपायर का फैसला और टेक्नोलॉजी की सीमा
तीसरे अंपायर ने रिप्ले कई बार देखा. गेंद स्टंप्स की ओर जा रही थी, लेकिन स्निकोमीटर और हॉटस्पॉट में यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि गेंद ने पहले बल्ले को छुआ या नहीं. क्योंकि निर्णायक सबूत नहीं मिल सका, अंपायर ने ‘बेनिफिट ऑफ डाउट’ बल्लेबाज़ को दिया और ऑन-फील्ड अंपायर का फैसला बरकरार रखा गया.
बुमराह ने जताई नाखुशी, वीडियो वायरल
जैसे ही फैसला बल्लेबाज़ के पक्ष में गया, बुमराह ने अंपायर से शालीनता के साथ लेकिन स्पष्ट शब्दों में अपनी निराशा व्यक्त की. उनकी टिप्पणी स्टंप माइक में दर्ज हो गई, जिसमें वो कहते सुने गए आपको भी पता है ये आउट है, लेकिन टेक्नोलॉजी इसे साबित नहीं कर सकती. यह बयान सोशल मीडिया पर आते ही वायरल हो गया. कई फैंस ने बुमराह के जजमेंट और आत्मविश्वास की सराहना की, वहीं कुछ ने अंपायर की प्रोटोकॉल के अनुसार निष्पक्षता का समर्थन किया.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इस पूरे प्रकरण के बाद क्रिकेट प्रेमियों में राय बंट गई है. कुछ ने कहा कि टेक्नोलॉजी की सीमाएं कभी-कभी सही फैसले में बाधा बन जाती हैं, जबकि दूसरे पक्ष का मानना था कि जब तक स्पष्ट प्रमाण न हों, अंपायर का मूल निर्णय ही सर्वोपरि होना चाहिए.
यह भी पढ़ें: थप्पड़ मारे फिर गर्दन पकड़कर...INDvsWI के LIVE मैच में कपल में हुई नोकझोंक; Viral VIDEO