कौन हैं जयश्री उल्लाल, जो बनीं दुनिया की सबसे अमीर भारतीय मूल की CEO? इन दिग्गजों को छोड़ा पीछे

World Richest Indian-Origin: हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2025 के अनुसार, जयश्री उल्लाल की कुल संपत्ति अब 50,170 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है. यह आंकड़ा उन्हें न केवल सत्या नडेला और सुंदर पिचाई से आगे ले जाता है.

Jayshree Ullal becomes world s richest Indian-origin CEO
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World Richest Indian-Origin: जब भी बात होती है भारतीय मूल के सबसे अमीर CEOs की, तो माइक्रोसॉफ्ट के सत्या नडेला और गूगल के सुंदर पिचाई का नाम सबसे ऊपर आता है. लेकिन अब यह तस्वीर पूरी तरह से बदल चुकी है. हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2025 में एक नया और नाम सामने आया है, अरिस्टा नेटवर्क्स की CEO, जयश्री उल्लाल. यह उपलब्धि उन्हें केवल एक वित्तीय सफलता के रूप में नहीं, बल्कि भारतीय मूल की सबसे अमीर पेशेवर महिला CEO के रूप में पहचान दिलाती है.

जयश्री उल्लाल की संपत्ति ने सत्या और सुंदर को पछाड़ा

हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2025 के अनुसार, जयश्री उल्लाल की कुल संपत्ति अब 50,170 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है. यह आंकड़ा उन्हें न केवल सत्या नडेला और सुंदर पिचाई से आगे ले जाता है, बल्कि उन्हें दुनिया की सबसे अमीर भारतीय मूल की प्रोफेशनल CEO बना देता है. वहीं, सत्या नडेला की संपत्ति लगभग 9,770 करोड़ रुपये और सुंदर पिचाई की संपत्ति करीब 5,810 करोड़ रुपये आंकी गई है. इस अंतर ने सिलिकॉन वैली में भी खलबली मचा दी है.

अरिस्टा नेटवर्क्स की सफलता में उल्लाल की अहम भूमिका

जयश्री उल्लाल 2008 से अरिस्टा नेटवर्क्स की CEO रही हैं. उनके नेतृत्व में कंपनी ने क्लाउड नेटवर्किंग और हाई-परफॉर्मेंस डेटा सेंटर्स के क्षेत्र में एक ग्लोबल लीडर का दर्जा हासिल किया है. 2024 में अरिस्टा का सालाना राजस्व लगभग 7 बिलियन डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 20% अधिक था. कंपनी की इस सफलता में उल्लाल की रणनीतिक सोच और तकनीकी समझ का अहम योगदान है. अरिस्टा नेटवर्क्स के शेयरों में तेजी से उछाल ने उनकी नेट वर्थ को नई ऊंचाई पर पहुंचाया है.

लंदन से दिल्ली, फिर अमेरिका तक का सफर

जयश्री उल्लाल का जन्म 27 मार्च 1961 को लंदन में एक भारतीय मूल के परिवार में हुआ था. बहुत कम उम्र में वे दिल्ली आ गईं, जहां उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई की. उनके पिता एक प्रतिष्ठित भौतिक विज्ञानी थे और भारतीय शिक्षा मंत्रालय से जुड़े रहे थे. जयश्री की शिक्षा में भी उनके पिता का प्रभाव साफ झलकता है. उन्होंने दिल्ली के जीसस और मैरी का कॉन्वेंट स्कूल से पढ़ाई की और फिर परिवार के साथ अमेरिका चली गईं. यहीं से उनके करियर को अंतरराष्ट्रीय दिशा मिली.

अमेरिका में शिक्षा और टेक्नोलॉजी सेक्टर में कदम

अमेरिका में जयश्री उल्लाल ने इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की, और फिर इंजीनियरिंग मैनेजमेंट में मास्टर्स किया. इसके बाद उन्होंने सेमीकंडक्टर और नेटवर्किंग सेक्टर में करियर शुरू किया. अपनी तेज निर्णय क्षमता और दूरदर्शिता के लिए वे जल्दी ही पहचान में आईं और आगे चलकर एक मजबूत नेतृत्व के रूप में उभरीं.

सिस्को से अरिस्टा तक का सफर

अपने करियर के शुरुआती दौर में, जयश्री उल्लाल ने AMD और Fairchild Semiconductor जैसी बड़ी कंपनियों में काम किया. लेकिन 2008 में जब उन्होंने सिस्को को छोड़कर अरिस्टा नेटवर्क्स की कमान संभाली, तो उनका करियर एक नए मोड़ पर पहुंच गया. उस समय अरिस्टा एक छोटी कंपनी थी, लेकिन जयश्री के नेतृत्व में इसने वैश्विक टेक मार्केट में अपनी पहचान बनाई. उनके विजन और रणनीतिक निर्णयों के कारण अरिस्टा नेटवर्क्स ने टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में अपनी अग्रणी स्थिति हासिल की.

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