हिंदू पत्नी के धर्म बदलने का कोई इरादा नहीं, विवाद के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति को देनी पड़ी सफाई

JD Vance: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इन दिनों एक निजी सवाल को लेकर सुर्खियों में हैं. एक दक्षिण एशियाई महिला ने हाल ही में यूनिवर्सिटी ऑफ मिसिसिपी में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उनसे उनकी आस्था, धर्म और अंतर-धार्मिक विवाह को लेकर सवाल किया.

JD Vance Remarks on wife religious conversion clarfy after controversy
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JD Vance: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इन दिनों एक निजी सवाल को लेकर सुर्खियों में हैं. एक दक्षिण एशियाई महिला ने हाल ही में यूनिवर्सिटी ऑफ मिसिसिपी में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उनसे उनकी आस्था, धर्म और अंतर-धार्मिक विवाह को लेकर सवाल किया. इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और इसके बाद जेडी वेंस के एक पुराने बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया — जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने अपनी पत्नी उषा वेंस को ईसाई धर्म अपनाने के लिए “प्रेरित” किया था. आलोचनाओं के बढ़ते स्वर के बीच अब वेंस ने इस पर खुलकर सफाई दी है.


बुधवार को टर्निंग प्वाइंट यूएसए के कार्यक्रम के दौरान एक दक्षिण एशियाई महिला ने बिंदी लगाए मंच से जेडी वेंस से सवाल किया. उसने कहा, “आपकी कई बातों से मैं सहमत नहीं हूं, लेकिन मेरा मुद्दा कुछ और है. आपकी पत्नी उषा वेंस एक हिंदू परिवार से हैं, आप एक ईसाई हैं, और आप तीन बच्चों की परवरिश एक अंतर-धार्मिक माहौल में कर रहे हैं आप अपने बच्चों को कैसे सिखाते हैं कि वे एक धर्म को दूसरे से श्रेष्ठ न मानें?” इस सवाल ने माहौल को गंभीर बना दिया. वेंस ने मुस्कराते हुए जवाब दिया कि हां, “मेरी पत्नी एक हिंदू परिवार में पली-बढ़ी हैं, लेकिन वह किसी धार्मिक परंपरा से गहराई से जुड़ी नहीं थीं. जब हम मिले थे, तब हम दोनों नास्तिक थे. समय के साथ हमने एक-दूसरे को समझा और हमने तय किया कि हमारे बच्चे ईसाई मूल्यों में बड़े होंगे.” उन्होंने आगे कहा कि उषा अधिकतर रविवार को उनके साथ चर्च जाती हैं, हालांकि वे खुद ईसाई धर्म नहीं अपनाई हैं.

उषा वेंस और आस्था पर सफाई

इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर आलोचना शुरू हो गई. कई लोगों ने वेंस पर यह आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी पत्नी पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया. जवाब में, शुक्रवार को वेंस ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “मेरी पत्नी मेरे जीवन का सबसे बड़ा आशीर्वाद हैं. उन्होंने कभी किसी दबाव में कोई निर्णय नहीं लिया. उल्टा, उन्हीं की वजह से मैं अपने धर्म से दोबारा जुड़ पाया.” उन्होंने स्पष्ट किया, “उषा ने ईसाई धर्म नहीं अपनाया है, न ही ऐसा करने की उनकी कोई योजना है. लेकिन किसी भी अंतर्धार्मिक विवाह की तरह, मैं यह आशा जरूर करता हूं कि एक दिन वह भी चीजों को मेरी तरह देख सकें. फिर भी मैं उनसे उतना ही प्यार करता हूं और उनका सम्मान करता रहूंगा.”

भारतीय मूल की प्रतिभाशाली महिला

उषा वेंस (पूर्व नाम उषा चिलुकुरी) मूल रूप से भारतीय हैं और एक हिंदू परिवार में पली-बढ़ी हैं. वे ड्यूक यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हैं और स्टैनफोर्ड लॉ स्कूल से कानून की डिग्री रखती हैं. पेशे से वकील उषा का अमेरिका की कानूनी बिरादरी में सम्मानित नाम है. वेंस और उषा की मुलाकात कॉलेज के दिनों में हुई थी. दोनों के बीच गहरी दोस्ती समय के साथ रिश्ते में बदल गई. वेंस का कहना है कि “धर्म से ज्यादा हमारे रिश्ते में आपसी सम्मान और विचारों की समानता अहम रही है.” 


विवाद सिर्फ धर्म का नहीं, आव्रजन नीति का भी

महिला ने वेंस से केवल उनके निजी जीवन को लेकर ही नहीं, बल्कि ट्रंप प्रशासन की आव्रजन नीतियों (Immigration Policies) पर भी तीखे सवाल पूछे. उसने कहा, “आप कहते हैं कि अब अमेरिका में बहुत ज्यादा प्रवासी हैं. लेकिन क्या आपने यह सोचा कि हममें से कई लोग इस देश में अपने सपनों और परिश्रम के साथ आए हैं? हमने यहां की अर्थव्यवस्था और समाज के निर्माण में योगदान दिया. फिर अब आप कैसे कह सकते हैं कि हमें ही यहां से निकाल दिया जाए?” यह सवाल वेंस के उस बयान से जुड़ा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका को अपने भविष्य के लिए आव्रजन दर कम करनी चाहिए, ताकि अमेरिकी नागरिकों के हित सुरक्षित रह सकें.

वेंस का जवाब, ‘मेरा दायित्व अमेरिका के लोगों के प्रति है’

जवाब देते हुए जेडी वेंस ने कहा, “मैं उन लोगों का सम्मान करता हूं जो वैध मार्गों से अमेरिका आए और यहां योगदान दे रहे हैं. लेकिन मेरा काम पूरी दुनिया की नहीं, अमेरिका के नागरिकों की जिम्मेदारी निभाना है. हमें अपनी सीमाओं और अपने लोगों के भविष्य की रक्षा करनी होगी.” वेंस के इस जवाब को कार्यक्रम में मौजूद कुछ लोगों ने सराहा, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे “विरोधाभासी” बताया गया  क्योंकि खुद वेंस का परिवार भी आप्रवासी पृष्ठभूमि से जुड़ा है और उनकी पत्नी भारतीय मूल की हैं.

धर्म, पहचान और राजनीति की तिकड़ी

जेडी वेंस का यह विवाद यह दिखाता है कि अमेरिका में धर्म और पहचान का मुद्दा आज भी राजनीतिक विमर्श के केंद्र में है. एक ओर वे स्वयं एक धार्मिक ईसाई हैं, वहीं उनकी पत्नी एक हिंदू पृष्ठभूमि से आती हैं. यह रिश्ता अमेरिकी समाज की उस विविधता का प्रतीक भी है जिसे ट्रंप प्रशासन की नीतियों के कारण कई बार चुनौती मिली है. वेंस ने एक बार कहा था, “विश्वास हमारे घर का हिस्सा है, लेकिन उससे ज्यादा जरूरी यह है कि हम अपने बच्चों को सम्मान, प्रेम और समझ सिखाएं  चाहे उनका धर्म कोई भी हो.”

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