हिंदू महिलाओं के खिलाफ जिहाद... जैश-ए-मोहम्मद को मिल रही खास ट्रेनिंग, क्या है मसूद अजहर का प्लान?

भारत के खिलाफ आतंकवादी योजनाओं को लेकर मसूद अजहर, पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का प्रमुख, लगातार सक्रिय दिखाई दे रहा है.

Jihad against Hindu women Jaish-e-Mohammed Masood Azhar
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

नई दिल्ली: भारत के खिलाफ आतंकवादी योजनाओं को लेकर मसूद अजहर, पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का प्रमुख, लगातार सक्रिय दिखाई दे रहा है. हाल ही में सामने आई जानकारी के अनुसार, JeM ने महिलाओं के लिए एक विशेष ब्रिगेड बनाने की योजना तैयार की है, जिसका उद्देश्य भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा करने वाली महिलाओं और महिला पत्रकारों को निशाना बनाना बताया जा रहा है.

अधिकारियों और रिपोर्टों के अनुसार, इस महिला ब्रिगेड की रूपरेखा और प्रशिक्षण का काम अजहर ने बहावलपुर के प्रशिक्षण केंद्र, मरकज उस्मान-ओ-अली में संभाला है. इस केंद्र में शामिल होने वाली महिलाओं को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे संगठन की रणनीतियों के अनुरूप ‘वैश्विक जिहाद’ में भाग ले सकें.

महिला ब्रिगेड का उद्देश्य

सूत्रों के अनुसार, इस ब्रिगेड का प्राथमिक लक्ष्य भारतीय महिलाओं को उनके पेशेवर और सामाजिक भूमिकाओं में चुनौती देना है. मसूद अजहर का दावा है कि भारतीय सशस्त्र बलों और मीडिया में शामिल कुछ महिलाएं JeM के खिलाफ खड़ी हैं, और इसलिए उन्हें संगठनात्मक तौर पर चुनौती देने के लिए महिलाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा.

इस योजना के तहत महिला सदस्यों को पहले 15 दिन का एक प्रारंभिक प्रशिक्षण “दौरा-ए-तस्किया” के रूप में दिया जाएगा, जिसमें उन्हें संगठन की विचारधारा और मिशन के मूल सिद्धांत सिखाए जाएंगे. इसके बाद दो सप्ताह का दूसरा चरण होगा, जिसमें उन्हें वास्तविक तौर पर जिहाद और आतंकवादी रणनीतियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा.

धार्मिक प्रलोभन और संगठनात्मक ढांचा

अजहर ने कथित तौर पर महिलाओं को प्रलोभन देते हुए कहा है कि जो महिलाएं इस ब्रिगेड में शामिल होंगी, उन्हें मृत्यु के बाद सीधे स्वर्ग जाने का वादा किया जाएगा. संगठन के अनुसार, इस महिला ब्रिगेड के साथ पुरुष मुजाहिद भी खड़े होंगे और उन्हें सभी ऑपरेशनल गतिविधियों में सहयोग प्रदान करेंगे.

साथ ही, JeM की योजना है कि पाकिस्तान के हर जिले में इस महिला शाखा की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए. प्रत्येक शाखा का नेतृत्व ऐसे व्यक्ति द्वारा किया जाएगा, जो महिलाओं की भर्ती और प्रशिक्षण के लिए जिम्मेदार होगा.

नेतृत्व में परिवार के सदस्य

सूत्रों ने बताया कि इस महिला ब्रिगेड का नेतृत्व मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर को सौंपा गया है. इसके अलावा दूसरी बहन समायरा अजहर और पुलवामा हमले में शामिल उमर फारूक की विधवा अफीरा फारूक भी इस नई ब्रिगेड में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं. समायरा अजहर ने प्रशिक्षण कक्षाओं का संचालन ऑनलाइन शुरू कर दिया है, जिसमें पांच दिन का प्रारंभिक सत्र पहले ही चल चुका है.

यह महिला ब्रिगेड पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क को मजबूत करने और भारत के खिलाफ ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है.

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