देशभर में दीपावली की रौनक और खुशियां चारों तरफ छाई हुई हैं, लेकिन करनाल के हथलाना गांव के एक परिवार की दीपावली इस बार मातम में बदल गई है. अमेरिका में रह रहे प्रदीप की गोली लगने से मौत की दुखद खबर उनके घर पहुंची. जहां पूरा देश खुशियों में डूबा था, वहीं इस परिवार की दुनिया वीरान हो गई. परिजन अब अपने बेटे का शव भारत लाने की गुहार लगा रहे हैं.
मौत की खबर से परिवार में कोहराम
परिवार के अनुसार प्रदीप अमेरिका के पोर्टलैंड शहर में एक स्टोर में काम करता था. देर शाम उन्हें फोन पर सूचना मिली कि प्रदीप को गोली लगी है. मृतक के भाई ने बताया कि घटना के वक्त प्रदीप स्टोर में ही था और गोली किसी विदेशी व्यक्ति ने मारी. पर अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गोली किस कारण लगी और क्या घटना के बाद आरोपी ने खुद को भी गोली मारी. इस सदमे ने पूरे परिवार को टूटकर रख दिया है.
विदेश में संघर्ष करता रहा प्रदीप
मृतक के भाई ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर करीब 40-50 लाख रुपये खर्च कर अपने छोटे भाई को विदेश भेजा था. प्रदीप लगभग 35 वर्ष का था और उसकी शादी 7-8 साल पहले हुई थी. वह कनाडा से डोंकी के रास्ते अमेरिका गया था, जहां वह बेहतर जीवन की तलाश में था. पर अब उसकी इस यात्रा ने परिवार के लिए गहरा दुःख और दर्द छोड़ दिया है.
शव लाने की अपील
परिवार ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाई है कि वे प्रदीप का शव भारत लाने में मदद करें. उनका कहना है कि इस दीपावली पर जहां देश में खुशियां मनाई जा रही हैं, उनके लिए यह सबसे बड़ा गम है. परिवार का हाल बुरा है और वे अपने बेटे को अंतिम संस्कार के लिए घर लेकर आना चाहते हैं. अभी तक पूरे मामले की गहराई से जानकारी परिवार के पास नहीं आई है. सिर्फ देर शाम फोन पर गोली लगने की खबर दी गई थी. अब सभी इंतजार कर रहे हैं कि कब और कैसे प्रदीप का शव उनके पास पहुंचेगा. इस दुखद घटना ने करनाल के हथलाना गांव में एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन ली हैं.
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