कर्नाटक पुलिस के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और डीजीपी रैंक के अफसर रामचंद्र राव को उनके कार्यालय से जुड़े कथित आपत्तिजनक वीडियो सामने आने के बाद सस्पेंड कर दिया गया है. यह मामला सामने आते ही राज्य की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है. राव, सोना तस्करी मामले में आरोपी रान्या राव के पिता भी हैं, जिसके चलते यह विवाद और अधिक चर्चा में आ गया है.
वायरल वीडियो सामने आने के बाद कर्नाटक सरकार पर दबाव बढ़ गया था. इसके बाद सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया. हालांकि, रामचंद्र राव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है और वीडियो को पूरी तरह फर्जी और मॉर्फ्ड बताया है.
वीडियो में क्या दिख रहा है?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कथित तौर पर रामचंद्र राव को अपने सरकारी कार्यालय के अंदर पुलिस वर्दी में कुछ महिलाओं के साथ आपत्तिजनक व्यवहार करते हुए देखा जा सकता है. वीडियो में अलग-अलग मौकों पर अलग-अलग कपड़ों में महिलाएं दिखाई देती हैं, जिनके साथ अधिकारी को गले लगाते और किस करते हुए दिखाया गया है.
कर्नाटक के DGP के. रामचंद्र राव सस्पेंड
— Bharat 24 - Vision Of New India (@Bharat24Liv) January 20, 2026
अश्लील वीडियो वायरल होने पर कार्रवाई
Watch : https://t.co/y1ynKq65Hv#Karnataka #RamachandraRao #DGPSuspend #Bharat24Digital@CMofKarnataka @DgpKarnataka @anchorpooja @palakprakash20 @PreetiNegi_ @akannksha_rjt pic.twitter.com/P4zdfOnkyy
सूत्रों के मुताबिक, ये वीडियो डीजीपी कार्यालय के भीतर गुप्त रूप से रिकॉर्ड किए गए प्रतीत होते हैं. हालांकि, अब तक किसी महिला की ओर से जबरदस्ती या उत्पीड़न से जुड़े कोई औपचारिक आरोप सामने नहीं आए हैं, लेकिन सरकारी कार्यालय में इस तरह के कथित आचरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
मुख्यमंत्री तक पहुंचा मामला
वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला सीधे मुख्यमंत्री सिद्धारमैया तक पहुंच गया. जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की थी. सूत्र बताते हैं कि वीडियो देखने के बाद मुख्यमंत्री काफी नाराज थे और उन्होंने यह जानना चाहा कि पुलिस विभाग के भीतर, वह भी एक वरिष्ठ अधिकारी के कार्यालय में, इस तरह की गतिविधियां कैसे संभव हो सकती हैं.
राज्य सरकार पहले से ही इस मामले को लेकर आलोचनाओं के घेरे में थी और विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा था. ऐसे में सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए सख्त कदम उठाते हुए रामचंद्र राव को निलंबित करने का फैसला किया.
आरोपों पर रामचंद्र राव का जवाब
रामचंद्र राव ने मीडिया के सामने आकर अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने दावा किया कि वायरल वीडियो पूरी तरह से झूठा, मनगढ़ंत और तकनीकी रूप से छेड़छाड़ किया गया है.
इंडिया टुडे से बातचीत में राव ने कहा कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस स्थान का वीडियो बताया जा रहा है, वह करीब आठ साल पहले बेलगावी में उनकी पोस्टिंग के समय का बताया जा रहा है. राव के मुताबिक, यह मामला बेहद चौंकाने वाला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि बिना किसी जांच के इस तरह के वीडियो को सच मान लेना गलत है. उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर अपने वकील से सलाह ली है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
ये भी पढ़ें- स्टेडियम में लग रहे थे गौतम गंभीर हाय-हाय के नारे, फिर कोहली ने किया ऐसा इशारा, दिल जीत लेगा VIDEO