Ketan Agrawal Murder Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं. अब इस मामले ने उस समय और सनसनीखेज मोड़ ले लिया जब मृतक के पिता विशाल अग्रवाल ने दावा किया कि उनके बेटे की हत्या कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि इसकी साजिश कई दिन पहले से रची जा रही थी. उन्होंने आरोप लगाया कि केतन की मंगेतर सिया गोयल ने उसकी मौत से चार दिन पहले भी लोहगढ़ किले पर उसे खाई में धक्का देकर मारने की कोशिश की थी. हालांकि उस दिन केतन किसी तरह बच निकला था, लेकिन 18 जून को वही किला उसकी जिंदगी का आखिरी पड़ाव बन गया.
पिता ने सुनाई पहली 'मौत की कोशिश' की कहानी
विशाल अग्रवाल के मुताबिक 14 जून को केतन और सिया लोहगढ़ किले पर घूमने गए थे. उस समय दोनों अकेले थे. इसी दौरान सिया ने अचानक केतन को पहाड़ी से नीचे धक्का दे दिया. धक्का लगते ही केतन संतुलन खो बैठा और पीछे की ओर फिसलने लगा. कुछ ही क्षणों में वह सैकड़ों फीट गहरी खाई में गिर सकता था, लेकिन किस्मत से उसका हाथ एक झाड़ी में फंस गया और उसने उसे मजबूती से पकड़ लिया. विशाल अग्रवाल का कहना है कि इसी झाड़ी ने उस दिन उनके बेटे की जान बचा ली थी. अगर वह झाड़ी न होती तो शायद 14 जून को ही यह घटना एक हादसे के रूप में सामने आ जाती.
'सांप-सांप' चिल्लाकर बदल दिया पूरा घटनाक्रम
परिवार के मुताबिक जब केतन ने खुद को संभाला और उसे एहसास हुआ कि उसे जानबूझकर धक्का दिया गया है, तब स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई थी. आरोप है कि सिया ने तुरंत स्थिति को संभालने के लिए 'सांप-सांप' चिल्लाना शुरू कर दिया.
विशाल अग्रवाल का दावा है कि सिया ने ऐसा इसलिए किया ताकि घटना को एक दुर्घटना या घबराहट में हुई प्रतिक्रिया की तरह दिखाया जा सके. इतना ही नहीं, वह तुरंत केतन के पास पहुंची और उसे गले लगा लिया. इस व्यवहार ने उस समय केतन का शक कम कर दिया, लेकिन बाद में परिवार को लगा कि यह पूरी तरह सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता था.
पासपोर्ट गायब होने से भी बढ़ा था शक
विशाल अग्रवाल ने एक और हैरान करने वाला दावा किया. उन्होंने बताया कि घटना के बाद जब दोनों एयरपोर्ट पहुंचे तो सभी दस्तावेज मौजूद थे, लेकिन केतन का पासपोर्ट गायब था. काफी तलाश के बावजूद पासपोर्ट नहीं मिला. परिवार का मानना है कि उस समय हुई घटनाओं की कड़ियां अब एक-दूसरे से जुड़ती दिखाई दे रही हैं. हालांकि पासपोर्ट के गायब होने को लेकर जांच एजेंसियां अलग से पड़ताल कर रही हैं.
चार दिन बाद फिर उसी किले पर पहुंचे
परिजनों के अनुसार पहली घटना के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ. बताया जाता है कि कुछ दिनों बाद सिया ने दोबारा केतन से लोहगढ़ किला चलने की बात कही. 18 जून को दोनों फिर उसी स्थान पर पहुंचे जहां कुछ दिन पहले कथित तौर पर पहली बार धक्का देने की घटना हुई थी. यही वह दिन था जब केतन अग्रवाल लगभग 400 फीट गहरी खाई में गिर गया और उसकी मौत हो गई. शुरुआती जांच में इसे हादसा माना गया, क्योंकि मौके पर मौजूद सिया ने पुलिस को बताया था कि तेज हवाओं के कारण केतन का संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गया.
हादसे से हत्या तक पहुंची जांच
शुरुआत में पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने अधिकारियों का ध्यान खींचा. घटनास्थल, परिस्थितियों और दोनों के रिश्तों से जुड़े पहलुओं की पड़ताल के बाद पुलिस को मामला संदिग्ध लगने लगा. जांच के दौरान मिले सबूतों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन बाबूलाल चौधरी को गिरफ्तार कर लिया. दोनों पर हत्या और आपराधिक साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं.
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