Khamenei Trump Iran Nuclear Program: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ तीखा हमला बोला है. उन्होंने ट्रंप के उस दावे का मजाक उड़ाया, जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी हमलों ने ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को "जड़ से खत्म" कर दिया है. खामेनेई ने इसे "हसीन ख्वाब" करार देते हुए ट्रंप की बातों को प्रचार मात्र बताया और कहा कि ऐसे दावे हकीकत से कोसों दूर हैं.
हाल ही में ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा था कि, “ईरान अब खुद को बचाने की कोशिश कर रहा है. हमने समय रहते कार्रवाई की और उनके न्यूक्लियर प्रोग्राम को तबाह कर दिया.” इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “अमेरिका के राष्ट्रपति शेखी बघारते हैं कि हमने ईरान का परमाणु कार्यक्रम नष्ट कर दिया. अगर ट्रंप ऐसा समझते हैं, तो बहुत अच्छा है. वह इसी भ्रम में जीते रहें.” खामेनेई के इस बयान ने यह स्पष्ट कर दिया कि ईरान अमेरिका के सैन्य दावों को मात्र राजनीतिक ड्रामा मानता है.
गाजा संघर्ष और इज़रायल पर भी निशाना
खामेनेई ने ट्रंप की हालिया इज़रायल यात्रा को भी आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल एक कमजोर और हतोत्साहित यहूदी शासन का मनोबल बढ़ाने की कोशिश थी.
उनके शब्दों में, “अमेरिकी राष्ट्रपति खोखली बातें करने और हताश यहूदी शासन का उत्साह बढ़ाने के लिए वहां गए थे. ग़ाज़ा में 12 दिनों के संघर्ष में इज़रायल को गहरा झटका लगा है, और वे अब भी उस सदमे से बाहर नहीं निकल पाए हैं.”
ईरान-अमेरिका रिश्तों में फिर बढ़ा तनाव
डोनाल्ड ट्रंप और खामेनेई के बीच की यह जुबानी जंग कोई नई बात नहीं है, लेकिन यह घटनाक्रम दोनों देशों के संबंधों में एक बार फिर से तनाव के उभरते संकेत देता है. जहां अमेरिका का आरोप है कि ईरान परमाणु हथियारों की दिशा में आगे बढ़ रहा है, वहीं ईरान हमेशा यही कहता आया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है. वर्तमान घटनाओं को देखते हुए, विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में अमेरिका और ईरान के बीच राजनयिक दूरी और गहराएगी, खासकर अगर ट्रंप दोबारा सत्ता में आते हैं.