North Korea Hwasong-20 Missile: उत्तर कोरिया ने हाल ही में अपनी सेना की स्थापना की 80वीं वर्षगांठ पर एक विशाल सैन्य परेड का आयोजन किया, जिसमें देश की अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों और मिसाइल क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया. इस समारोह में उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने नए प्रकार की अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM), क्रूज मिसाइलें, और अन्य आधुनिक हथियारों की झलक दुनिया को दिखाई.
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत थी उत्तर कोरिया की नवीनतम ICBM मिसाइल "ह्वासोंग-20", जिसे किम जोंग उन ने देश की "सबसे शक्तिशाली परमाणु रणनीतिक हथियार प्रणाली" बताया. इस मिसाइल को उत्तर कोरिया की रक्षात्मक क्षमता में बड़ा कदम माना जा रहा है, जो हजारों किलोमीटर की दूरी तक मार करने में सक्षम है. माना जा रहा है कि यह मिसाइल अमेरिका के भीतर भी लक्ष्यों को भेदने की क्षमता रखती है, जिससे वैश्विक शक्तियों के बीच तनाव और बढ़ सकता है.
#BREAKING | North Korea Unveils Hwasong-20 ICBM at Ruling Party's 80th Anniversary Parade
— The Global Eye (@TGEThGlobalEye) October 11, 2025
North Korea has showcased its most advanced intercontinental ballistic missile, the Hwasong-20, during a massive military parade marking the 80th anniversary of the Workers' Party of Korea pic.twitter.com/KowFCvaMsB
रंगारंग परेड और नागरिकों की भागीदारी
देर रात आयोजित इस भव्य आयोजन में राजधानी प्योंगयांग की सड़कों पर हजारों लोग पारंपरिक उत्तर कोरियाई परिधानों में नजर आए. नागरिकों ने उत्तर कोरिया का झंडा लहराते हुए किम जोंग उन के समर्थन में नारे लगाए. सड़कों पर भारी सैन्य वाहनों, मिसाइल लॉन्चरों और टैंक के साथ सेना ने परेड निकाली, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए.
अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की मौजूदगी
इस आयोजन की एक अन्य महत्वपूर्ण बात यह रही कि इसमें रूस और चीन के वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए. रूसी सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव, जो राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी माने जाते हैं, चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग, और वियतनाम के नेता तो लाम इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के तौर पर उपस्थित थे. इन नेताओं की उपस्थिति को अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए एक स्पष्ट कूटनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है.
रूस-उत्तर कोरिया के रिश्ते और यूक्रेन युद्ध में भागीदारी
किम जोंग उन ने अपने भाषण में इस बात का जिक्र किया कि उत्तर कोरियाई सैनिक “अंतरराष्ट्रीय न्याय” की रक्षा के लिए रूस के साथ मिलकर संघर्ष कर रहे हैं. दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसियों के अनुसार, यूक्रेन संघर्ष में अब तक उत्तर कोरिया के लगभग 600 सैनिकों की मौत हो चुकी है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
तकनीकी प्रदर्शनी और आधुनिक हथियार
इस परेड में उत्तर कोरिया ने कई नई तकनीकों का प्रदर्शन किया, जिनमें लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलें, ड्रोन लॉन्च व्हीकल, ग्राउंड-टू-एयर मिसाइल सिस्टम और मोबाइल ICBM लॉन्च प्लेटफॉर्म शामिल थे. उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी KCNA (Korean Central News Agency) के अनुसार, यह प्रदर्शन देश की रक्षा क्षमताओं में आई "अभूतपूर्व प्रगति" और तकनीकी विकास को दर्शाता है.
किम जोंग उन का संदेश
किम जोंग उन ने भाषण में कहा, “हमारी अजेय सेना पार्टी के प्रयासों को दो गुना ताकत देती है, ताकि राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य शीघ्रता से साकार हो सके.” उन्होंने आगे कहा कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं.
पिछली कूटनीतिक कोशिशें और अमेरिका का रवैया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान किम जोंग उन से कई बार मुलाकात हुई थी. इन बैठकों को ऐतिहासिक माना गया, क्योंकि यह पहली बार था जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने उत्तर कोरियाई नेता से आमने-सामने वार्ता की. हालांकि, दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोई स्थायी समझौता नहीं हो सका. ट्रंप ने एक बार यहां तक कहा था कि "हम एक-दूसरे के प्यार में पड़ गए हैं", लेकिन वार्ताएं अंततः विफल रहीं.
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