Koo के को-फाउंडर ने बनाई ऐसी ऐप, जिसने 22 देशों में मचाई धूम; जानें क्या है खासियत

PicSee App: "क्या आपने कभी सोचा है कि दोस्तों के साथ ली गई हर बेहतरीन तस्वीर बिना मांगे आपके फोन में आ जाए?" अब ये मुमकिन है, एक नए और स्मार्ट ऐप PicSee के साथ, जिसे बनाया है Koo ऐप के को-फाउंडर मयंक बिदावतका ने.

Koo co-founder created PicSee hit in 22 countries learn about its special features
Image Source: Social Media/X

PicSee App: "क्या आपने कभी सोचा है कि दोस्तों के साथ ली गई हर बेहतरीन तस्वीर बिना मांगे आपके फोन में आ जाए?" अब ये मुमकिन है, एक नए और स्मार्ट ऐप PicSee के साथ, जिसे बनाया है Koo ऐप के को-फाउंडर मयंक बिदावतका ने.

2020 में Koo की शुरुआत करने वाले बिदावतका अब अपनी नई कंपनी Billion Hearts के तहत AI-बेस्ड फोटो शेयरिंग ऐप PicSee के साथ टेक की दुनिया में एक बार फिर वापसी कर चुके हैं. और मज़ेदार बात ये है कि सिर्फ 3 महीने में ये ऐप 75 गुना ग्रोथ के साथ 27 देशों में इस्तेमाल हो रहा है!

क्या है PicSee और क्यों है ये खास?

PicSee कोई आम फोटो शेयरिंग ऐप नहीं है. यह ऐसा ऐप है जो AI और फेस रिकग्निशन का इस्तेमाल करके यह पहचानता है कि आप और आपका कौन-सा दोस्त एक ही फोटो में हैं, और फिर वही फोटो दोनों डिवाइसेज़ में ऑटोमैटिक शेयर हो जाती है.

  • लॉन्च: जुलाई 2025
  • शुरुआत: केवल 25 यूजर्स के साथ
  • अब: 27 देशों में इस्तेमाल और तेज़ी से फैल रहा नेटवर्क

कैसे काम करता है PicSee?

  • ऐप आपके फोन की गैलरी को स्कैन करता है
  • AI टेक्नोलॉजी से चेहरों को पहचानता है
  • जब दो यूजर्स एक ही फोटो में हों, तो ऐप उन्हें आपस में कनेक्ट करता है
  • आपकी मंज़ूरी से वह फोटो अपने आप दोनों के फोन में शेयर हो जाती है
  • कोई WhatsApp पर भेजने की ज़रूरत नहीं, कोई Google Photos लिंक नहीं, सब कुछ ऑटोमैटिक, लेकिन पूरी तरह से सिक्योर.

प्राइवेसी की पूरी गारंटी

PicSee की सबसे बड़ी ताकत है इसकी सुरक्षा और गोपनीयता:

  • आपकी तस्वीरें किसी सर्वर पर अपलोड नहीं होतीं
  • सारी फोटोज़ सिर्फ आपके फोन में रहती हैं
  • शेयरिंग पूरी तरह एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड है
  • आप तय करते हैं कि कौन सी तस्वीर शेयर होगी और कौन नहीं
  • फिलहाल फ्री, आगे हो सकते हैं प्रीमियम फीचर्स

मयंक बिदावतका का कहना है कि अभी ऐप पूरी तरह फ्री है, लेकिन भविष्य में कुछ एक्सक्लूसिव प्रीमियम फीचर्स लाए जा सकते हैं, जो सब्सक्रिप्शन मॉडल के तहत उपलब्ध होंगे.

27 देशों में मौजूदगी, भारत से अमेरिका तक

PicSee का इस्तेमाल अब भारत के अलावा इन देशों में भी हो रहा है:

अमेरिका

ब्रिटेन

जापान

जर्मनी

फ्रांस

Koo से लेकर PicSee तक, मयंक बिदावतका का सफर

जहां Koo ऐप एक माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म था और एक समय ट्विटर का विकल्प बनकर उभरा था, वहीं PicSee पूरी तरह यूजर-सेंट्रिक और AI फोकस्ड प्रोडक्ट है. Koo अब भले बंद हो चुका हो, लेकिन बिदावतका का यह नया कदम दिखाता है कि भारतीय टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स अब सिर्फ लोकल नहीं, बल्कि ग्लोबल लेवल पर इनोवेशन कर रहे हैं.

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