लेबनान के बाद अब ओमान पर भीषण हमला करेगा इजरायल? मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ेगा तनाव

Israel Attack On Oman: मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है. सितंबर में इजरायल द्वारा कतर की राजधानी दोहा में हमास नेताओं पर किए गए अचानक हवाई हमले ने दुनिया को हैरान कर दिया था.

Lebanon Israel now launch a massive attack on Oman Tension will increase again in the Middle East
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Israel Attack On Oman: मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है. सितंबर में इजरायल द्वारा कतर की राजधानी दोहा में हमास नेताओं पर किए गए अचानक हवाई हमले ने दुनिया को हैरान कर दिया था. इस कार्रवाई के बाद अमेरिका ने कड़ी नाराज़गी जताई थी, जिसके चलते इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को कतर से माफी मांगनी पड़ी थी. उस घटना के बाद माना गया था कि ऐसी कार्रवाई दोबारा नहीं होगी, लेकिन अब संकेत मिले हैं कि इजरायल की नज़र ओमान पर हो सकती है.

अरब मीडिया स्रोतों के मुताबिक, ओमान कतर की तरह लंबे समय से मध्य पूर्व में शांतिपूर्ण वार्ताओं और क्षेत्रीय मध्यस्थता का केंद्र रहा है. हाल के महीनों में ओमान में यमन के हूती प्रतिनिधियों की गतिविधियां बढ़ी हैं. इजरायल हूती समूह को अपने प्रमुख विरोधियों में गिनता है, क्योंकि यह गुट ईरान समर्थित है और इजरायल के खिलाफ कड़े रुख के लिए जाना जाता है.

इसी वजह से विश्लेषकों का मानना है कि जैसे इजरायल ने दोहा में हमास नेताओं को निशाना बनाया, वैसे ही वह ओमान में मौजूद हूती प्रतिनिधियों पर भी हमला कर सकता है. ओमान के अधिकारियों ने इस संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया है. देश की राजधानी मस्कट में सुरक्षा एजेंसियां हालात पर करीबी नज़र बनाए हुए हैं.

कतर के बाद ओमान क्यों हुआ टारगेट की सूची में शामिल?

कतर पर हुए हमले की क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी आलोचना हुई थी. इसके बावजूद, इजरायल का तर्क था कि वह अपने दुश्मन समूहों को कहीं भी सुरक्षित पनाह नहीं लेने देना चाहता. चूंकि ओमान मध्य पूर्व की शांति वार्ताओं, बैकचैनल बातचीत और संवेदनशील कूटनीतिक प्रयासों का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, इसलिए हूती नेताओं की मौजूदगी इजरायल के लिए एक नई चिंता का विषय बनती जा रही है.

ओमान के राजनीतिक विश्लेषक अब्दुल्ला बाबूद का मानना है कि देश के पास चिंतित होने की वास्तविक वजह है. उनका कहना है कि कुछ संकेत बताते हैं कि इजरायल क्षेत्र में अपनी सैन्य रणनीति को आगे बढ़ा सकता है और ओमान के भीतर उन स्थानों को टारगेट कर सकता है जहाँ हूती प्रतिनिधियों की मौजूदगी की आशंका है.

ओमान की प्रतिक्रिया, सतर्कता और कूटनीति

बाबूद के अनुसार, ओमान किसी भी संभावित खतरे से डरने वाला देश नहीं है, लेकिन वह पूरी तैयारी के साथ स्थिति को संभालना चाहता है. उन्होंने कहा कि इजरायल की ओर से ओमान के खिलाफ गलत जानकारी फैलाने वाले अभियान भी चल रहे हैं, जिससे तनाव और बढ़ रहा है.

ओमानी प्रशासन ने पहले से ही अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, मस्कट हूती चैनलों और गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रख रहा है ताकि इजरायल को किसी भी सैन्य कार्रवाई का बहाना न मिल सके. साथ ही ओमान अपने भरोसेमंद अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ संपर्क में है, ताकि किसी बाहरी हमले की स्थिति में मिलकर प्रतिक्रिया दी जा सके.

अगर हमला हुआ तो जवाब भी मिल सकता है

विश्लेषकों का मानना है कि यदि इजरायल ओमान पर हमले का साहस करता है, तो इससे क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव कई गुना बढ़ सकता है. ओमान हालांकि शांतिपूर्ण और संतुलित कूटनीति के लिए जाना जाता है, लेकिन किसी भी तरह के उल्लंघन का जवाब देने की तैयारी की बात भी खुलकर सामने आ रही है.

अभी स्थिति सतर्कता और कूटनीति के बीच झूल रही है, लेकिन एक बात साफ है, कतर पर हमले के बाद मध्य पूर्व में किसी भी देश को पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता. ओमान आने वाले दिनों में अपनी सुरक्षा नीति और कूटनीतिक कदमों को और मजबूत कर सकता है, ताकि किसी अप्रत्याशित सैन्य कार्रवाई से निपटा जा सके.

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