सुबह के खाने में डाल रहे जीरे में मिलावट तो नहीं? FSSAI के बताए आसान तरीके से करें पहचान

Fake Cumin Identification: जीरा न सिर्फ मसालेदार भारतीय व्यंजनों का अहम हिस्सा है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिहाज से भी अत्यंत फायदेमंद माना जाता है. दाल से लेकर पंजीरी, लड्डू और यहां तक कि मॉर्निंग ड्रिंक्स में भी नई माएं इसका इस्तेमाल करती हैं.

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प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

Fake Cumin Identification: जीरा न सिर्फ मसालेदार भारतीय व्यंजनों का अहम हिस्सा है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिहाज से भी अत्यंत फायदेमंद माना जाता है. दाल से लेकर पंजीरी, लड्डू और यहां तक कि मॉर्निंग ड्रिंक्स में भी नई माएं इसका इस्तेमाल करती हैं. हालांकि बाजार में इसकी बढ़ती कीमत और मांग के चलते मिलावट का खतरा भी बढ़ गया है. नकली या मिलावटी जीरा आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है. आइए जानते हैं कि कैसे आप अपने रसोई के इस अनमोल मसाले में मिलावट की पहचान कर सकते हैं और असली जीरा चुन सकते हैं.

यूनिवर्सिटी ऑफ रोचेस्टर मेडिकल सेंटर के अनुसार, जीरा में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम और विटामिन ए, बीटा-कैरोटीन, विटामिन सी जैसे तत्व पाए जाते हैं. इसके अलावा जीरा में एंटीऑक्सीडेंट और हेल्दी फैटी एसिड्स भी होते हैं. यही कारण है कि कई सेलिब्रिटी अपने मॉर्निंग रूटीन में जीरा वाटर का सेवन करते हैं. यह न केवल डिटॉक्स का काम करता है बल्कि वजन कम करने और पाचन तंत्र को सही रखने में भी मददगार होता है.

मिलावट के प्रकार और इसके खतरे

बाजार में सबसे आम मिलावट घास के बीजों की होती है. इसे असली जीरे के साथ मिलाकर बेचा जाता है, जिससे कीमत में फायदा होता है. इसके अलावा वजन बढ़ाने या रंग चमकदार दिखाने के लिए चारकोल डस्ट और अन्य केमिकल रंगों का इस्तेमाल भी किया जाता है.

इस तरह का मिलावटी जीरा आपके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है. इससे पाचन संबंधी समस्याएं, लिवर पर असर और एलर्जी जैसी परेशानियां हो सकती हैं. FSSAI ने मसालों के लिए स्पष्ट नियम बनाए हैं, जिनमें किसी भी तरह की बाहरी मिलावट या रंग डालने की अनुमति नहीं है.

पानी में डालकर मिलावट की पहचान

एक आसान तरीका है कि आप जीरे को पानी में डालकर देखें. एक गिलास पानी में एक चम्मच जीरा डालें. यदि पानी में तुरंत धुंधलापन या रंग दिखाई दे तो इसका मतलब है कि जीरे में मिलावट है. असली जीरा पानी में लंबे समय तक रंग नहीं छोड़ता. आप इसे रात भर भी भिगोकर रख सकते हैं; असली जीरा हल्का रंग छोड़ सकता है, जबकि नकली जीरे का रंग तुरंत घुल जाएगा.

सूंघकर और मसलकर पहचानें

जीरे की पहचान उसके खास अरोमा से भी की जा सकती है. असली जीरे की खुशबू प्राकृतिक और तीखी होती है. अगर आपको कोई असामान्य गंध या रासायनिक खुशबू महसूस होती है, तो यह मिलावटी होने का संकेत हो सकता है.

FSSAI के अनुसार, हथेली पर मसलकर भी जीरे की जांच की जा सकती है. हथेली में थोड़ी मात्रा में जीरा लेकर उसे कसकर रगड़ें. अगर मिलावट नहीं है तो हाथ साफ रहेंगे, लेकिन अगर घास के बीज मौजूद हैं तो हथेली पर रंग छूट जाएगा.

जीरा से होने वाले स्वास्थ्य लाभ

असली जीरा न केवल व्यंजन स्वादिष्ट बनाता है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी वरदान है. यह पाचन को बेहतर करता है, गैस और अपच की समस्या कम करता है, और गट हेल्थ को सही रखता है. आयरन की उच्च मात्रा के कारण यह हीमोग्लोबिन निर्माण में मदद करता है और नई माताओं के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसके अलावा जीरा वजन घटाने, फैट रिडक्शन और मेटाबॉलिज्म को तेज करने में भी मदद करता है.

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