Aman Mokhade: भारतीय घरेलू क्रिकेट में कभी-कभी ऐसा नाम उभरता है, जो सिर्फ आंकड़ों से नहीं बल्कि अपने अंदाज़ से चर्चा में आ जाता है. इस वक्त वही नाम है अमन मोखाडे. विजय हजारे ट्रॉफी में इस दाएं हाथ के बल्लेबाज ने ऐसा तूफान मचाया है कि बड़े-बड़े रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए हैं. सेमीफाइनल में कर्नाटक के खिलाफ शतक जड़कर विदर्भ को फाइनल में पहुंचाने वाले अमन अब टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं.
पिछले 6 मैचों में 5 शतक, लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज 1000 रन और सचिन तेंदुलकर व विराट कोहली जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ना, ये सब अमन को भारतीय क्रिकेट की अगली “रन मशीन” बना रहा है. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती. सवाल ये है कि आखिर अमन मोखाडे हैं कौन? और क्यों ये बल्लेबाज खुद को गालियां देकर बेहतर खेलता है?
कौन हैं अमन मोखाडे?
अमन मोखाडे विदर्भ के रहने वाले हैं और 16 जनवरी को उन्होंने अपना 26वां जन्मदिन मनाया है. ओपनिंग बल्लेबाज के तौर पर खेलने वाले अमन को उनकी क्लासिक और शांत बैटिंग शैली के लिए जाना जाता है. उनका परिवार पूरी तरह से पढ़ा-लिखा है, कोई इंजीनियर है, कोई डॉक्टर, तो कोई लेक्चरर. इसके बावजूद अमन ने क्रिकेट को अपना करियर चुना.
उनके पिता ने इस सफर में उनका पूरा साथ दिया. अमन ने पढ़ाई और क्रिकेट दोनों को संतुलन में रखा और फिलहाल वे एम.कॉम की पढ़ाई कर रहे हैं. 2019-20 में जब उन्हें कूच बेहार ट्रॉफी में विदर्भ की कप्तानी मिली, तभी उन्होंने तय कर लिया था कि अब क्रिकेट को पूरी तरह प्रोफेशनल तौर पर अपनाना है.
यशस्वी जायसवाल से खास कनेक्शन
अमन मोखाडे का एक दिलचस्प रिश्ता यशस्वी जायसवाल से भी जुड़ा है. दोनों को ‘गुरुभाई’ कहा जाता है, क्योंकि दोनों ही कोच ज्वाला सिंह से ट्रेनिंग लेते हैं. पिछले तीन सालों से अमन ज्वाला सिंह के मार्गदर्शन में अभ्यास कर रहे हैं और इसी दौरान उनका खेल पूरी तरह बदल गया.
कोच ने अमन की तकनीक में कई सुधार किए, खासतौर पर उनका कमजोर पुल शॉट अब उनकी ताकत बन चुका है. इसके अलावा मानसिक मजबूती पर भी खास काम किया गया, जिसका असर सीधे उनके प्रदर्शन में दिख रहा है.
खुद से लड़कर खुद को सुधारते हैं अमन
अमन मोखाडे की सबसे अनोखी बात उनका एटीट्यूड है. उनके कोच बताते हैं कि अमन को खुद से बात करने की आदत है. मैदान पर गलती होते ही वे खुद पर नाराज हो जाते हैं, यहां तक कि खुद को गालियां देकर समझाते हैं. यही तरीका उन्हें बार-बार वही गलती दोहराने से रोकता है. विजय हजारे ट्रॉफी में अमन का संयम और आक्रामकता का संतुलन इसी मानसिकता का नतीजा है, जिसे हर मैच में साफ देखा जा सकता है.
विजय हजारे ट्रॉफी में ऐतिहासिक प्रदर्शन
इस सीजन अमन मोखाडे ने 9 मैचों में 781 रन बनाए हैं, वो भी 97.62 की शानदार औसत से. उनके बल्ले से 5 शतक और 1 अर्धशतक निकल चुके हैं. इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया है. अमन 16 पारियों में 1000 लिस्ट ए रन पूरे करने वाले सबसे तेज भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं. इस मामले में उन्होंने सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली को पीछे छोड़ते हुए ग्रीम पॉलक की बराबरी की.
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