लॉस एंजिल्स में हिंसा बेकाबू, एप्पल स्टोर लूटा, कर्फ्यू लागू, ट्रंप और न्यूसम आमने-सामने

अमेरिका के लॉस एंजिल्स शहर में बीते कुछ दिनों से हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. शहर में लगातार हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं, आगजनी हो रही है और अब लूटपाट की घटनाएं भी सामने आने लगी हैं.

Los Angles imposes curfew protest at apple showroom
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अमेरिका के लॉस एंजिल्स शहर में बीते कुछ दिनों से हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. शहर में लगातार हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं, आगजनी हो रही है और अब लूटपाट की घटनाएं भी सामने आने लगी हैं. सोमवार रात हिंसा ने नया रूप ले लिया जब नकाबपोश उपद्रवियों ने एक एप्पल स्टोर में धावा बोल दिया और वहां से कीमती गैजेट्स लूट लिए. सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कई लोग एप्पल स्टोर में घुसकर सामान चुराते हुए नजर आ रहे हैं.

शहर में कर्फ्यू, मेयर ने दिए सख्त आदेश

शहर में बिगड़ती स्थिति को देखते हुए लॉस एंजिल्स की मेयर कैरेन बास ने तत्काल प्रभाव से रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लगाने का आदेश दिया है. यह कर्फ्यू फिलहाल अनिश्चित काल तक लागू रह सकता है. हालांकि, यह प्रतिबंध वहां के स्थानीय निवासियों और आवश्यक सेवा से जुड़े कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा. मेयर बास ने हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि शहर में लूटपाट करने वाले तत्वों का प्रवासी समुदायों से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने चेतावनी दी कि उपद्रव करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा.

हिंसा की जड़: अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई

लॉस एंजिल्स में यह हिंसा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी आव्रजन नीतियों के विरोध में भड़की है. ट्रंप प्रशासन द्वारा हाल ही में अवैध प्रवासियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर छापेमारी की गई, जिसमें सैकड़ों संदिग्धों को हिरासत में लिया गया. 6-7 जून को की गई इन कार्रवाइयों में फैशन डिस्ट्रिक्ट, कॉम्पटन और अन्य इलाकों से कुल 118 लोगों को पकड़ा गया. इसी के बाद हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया. प्रदर्शनकारियों ने 101 फ्रीवे को जाम कर दिया, कारों में आग लगा दी और कई सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाया. पुलिस को हालात काबू करने के लिए आंसू गैस, रबर बुलेट्स और फ्लैश ग्रेनेड का इस्तेमाल करना पड़ा.

ट्रंप का सख्त कदम, गवर्नर का विरोध

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लॉस एंजिल्स में अतिरिक्त 2000 नेशनल गार्ड्स और 700 मरीन तैनात करने का आदेश दिया है. इससे पहले भी 2000 सैनिक तैनात किए जा चुके थे. ट्रंप के इस फैसले का कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूसम ने कड़ा विरोध किया है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति बिना राज्य सरकार की अनुमति के सैन्य तैनाती कर रहे हैं, जो संघीय अधिकारों का उल्लंघन है.

गवर्नर न्यूसम ने ट्रंप पर आरोप लगाया कि यह कदम सार्वजनिक सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि उनके ‘राजनीतिक अहंकार’ को संतुष्ट करने के लिए उठाया गया है. वहीं ट्रंप ने पलटवार करते हुए कहा कि मेयर बास और न्यूसम शहर की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहे हैं और उनकी वजह से नागरिकों की जान खतरे में पड़ी है.

लॉस एंजिल्स बना अमेरिका का नया 'हॉटस्पॉट'

इस समय लॉस एंजिल्स अमेरिका में अवैध प्रवासियों, मानवाधिकारों और प्रशासनिक शक्ति के टकराव का केंद्र बन गया है. आने वाले दिनों में हालात शांत होंगे या और बिगड़ेंगे, यह राष्ट्रपति, राज्य प्रशासन और स्थानीय पुलिस के कदमों पर निर्भर करेगा.

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