विकास के लिए ₹5960 करोड़ मंजूर, किसानों को बड़ा तोहफा... पढ़ें मध्य प्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले

MP Cabinet Decisions: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में हजारों करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनका सीधा लाभ महिलाओं, किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को मिलने वाला है.

Madhya Pradesh Cabinet meeting Decisions schools schemes farmers welfare
Image Source: Social Media

MP Cabinet Decisions: मध्य प्रदेश सरकार ने विकास, शिक्षा, कृषि और सामाजिक कल्याण को केंद्र में रखते हुए कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में हजारों करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनका सीधा लाभ महिलाओं, किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को मिलने वाला है. सरकार ने जहां गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला किया है, वहीं शिक्षा के विस्तार, किसानों को ब्याज मुक्त ऋण और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए भी बड़े निर्णय लिए गए हैं.

कन्या विवाह योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी

कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी विवाह सहायता योजना को निरंतर जारी रखने के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई. यह योजना आगामी पांच वर्षों तक संचालित होगी और इसका लाभ प्रदेश के गरीब, जरूरतमंद, निराश्रित तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मिलता रहेगा.

इस योजना के तहत विवाह योग्य कन्याओं, विधवाओं और परित्यक्ता महिलाओं के सामूहिक विवाह के लिए प्रति हितग्राही 55 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है. राज्य सरकार का मानना है कि यह योजना सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हुई है. पिछले पांच वर्षों में लाखों लाभार्थियों को इस योजना के माध्यम से सहायता प्रदान की जा चुकी है.

स्कूलों के उन्नयन से शिक्षा व्यवस्था को मिलेगी नई ताकत

राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठाया है. विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई सरकारी स्कूलों के उन्नयन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है.
योजना के तहत माध्यमिक विद्यालयों को हाई स्कूल और हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी स्कूल में बदला जाएगा. वर्ष 2026-27 में 75 माध्यमिक विद्यालयों और 100 हाई स्कूलों का उन्नयन किया जाएगा. अगले दो वर्षों तक भी इसी तरह की प्रक्रिया जारी रहेगी. इस महत्वाकांक्षी योजना पर लगभग 635 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे. 

सरकार का लक्ष्य वर्ष 2029 तक प्रदेश में शत-प्रतिशत सकल नामांकन दर हासिल करना है, जिसके लिए नए हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी विद्यालयों की आवश्यकता को भी चिन्हित किया गया है.

किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर मिलेगा फसल ऋण

कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए कैबिनेट ने किसानों के हित में महत्वपूर्ण फैसला लिया है. सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पकालीन फसल ऋण उपलब्ध कराने की योजना को मंजूरी दी है.

नई व्यवस्था के तहत खरीफ और रबी फसलों के लिए अलग-अलग देय तिथियों के बजाय एक वार्षिक ऋण सीमा निर्धारित की जाएगी. किसानों को ऋण भुगतान में अधिक सुविधा मिलेगी और समय पर ऋण चुकाने वालों को अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिया जाएगा. राज्य सरकार ब्याज अनुदान और अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि के माध्यम से किसानों पर आर्थिक बोझ कम करने का प्रयास कर रही है.

शुजालपुर में खुलेगा नया सरकारी विधि महाविद्यालय

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार करते हुए कैबिनेट ने शुजालपुर में नए शासकीय विधि महाविद्यालय की स्थापना को मंजूरी प्रदान की है. यह महाविद्यालय आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू किया जाएगा. कॉलेज के संचालन के लिए शिक्षकीय और गैर-शिक्षकीय पदों का सृजन भी स्वीकृत किया गया है. सरकार का उद्देश्य क्षेत्र के विद्यार्थियों को कानून की पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें अन्य शहरों का रुख न करना पड़े.

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए 3580 करोड़ रुपये स्वीकृत

गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न वितरण को प्रभावी बनाए रखने के लिए सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के संचालन हेतु 3,580 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को मंजूरी दी है. यह राशि आगामी वित्त आयोग की अवधि तक परिवहन, कमीशन और अन्य प्रशासनिक खर्चों की प्रतिपूर्ति के लिए उपयोग की जाएगी. सरकार का कहना है कि इससे राशन वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी तथा सुचारु बनाया जा सकेगा.

आदिवासी क्षेत्रों में विकास को मिलेगा नया बल

कैबिनेट ने जनजातीय क्षेत्रों के विकास से जुड़े कार्यक्रमों को भी मंजूरी दी है. प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत विद्युतीकरण कार्यों को गति देने के लिए आवश्यक वित्तीय सहयोग प्रदान करने का निर्णय लिया गया है. इस फैसले से दूरस्थ और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में बिजली सुविधाओं के विस्तार को बढ़ावा मिलेगा तथा वहां रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में सुधार आने की उम्मीद है.

ये भी पढ़ें: बेटियों की शादी से लेकर किसानों को राहत तक... मोहन कैबिनेट ने लिए कई बड़े फैसले, जानें पूरी जानकारी