US Venezuela Conflict: अमेरिका और वेनेज़ुएला के बीच तनाव अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुँच चुका है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलास मादुरो को साफ चेतावनी दी है, या तो वह क्रिसमस तक शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता छोड़ दें, या फिर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहें. यह चेतावनी 22 नवंबर को हुई एक गुप्त हॉटलाइन कॉल के दौरान दी गई थी, जिसकी जानकारी अब वॉल स्ट्रीट जर्नल ने साझा की है.
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने मादुरो को बताया कि उनके सामने ‘आसान और मुश्किल दोनों रास्ते’ हैं, और इन्हीं में से किसी एक को चुनना अनिवार्य है. अमेरिका ने मादुरो को यह विकल्प भी दिया कि वह किसी मित्र देश की राजधानी में सुरक्षित रूप से चले जाएँ. लेकिन ट्रंप का संदेश यहीं खत्म नहीं हुआ. उन्होंने सार्वजनिक बयान में कहा कि वेनेज़ुएला के ऊपर और आसपास का एयरस्पेस पूरी तरह बंद समझा जाए, जिसे सुनकर वैश्विक एविएशन इंडस्ट्री में हलचल मच गई.
वैश्विक और क्षेत्रीय संकेत
ट्रंप का यह कड़ा रुख तब आया जब अमेरिका ने कैरेबियन और पैसिफिक क्षेत्र में ड्रग बोट्स पर लगातार हमले किए हैं. बीते महीनों में अमेरिका ने 20 से अधिक ऐसे ऑपरेशन किए हैं, जिनमें 80 से ज्यादा लोग मारे गए, लेकिन इन पर कोई ठोस सबूत नहीं दिया गया. हाल ही में, अमेरिका ने अपने सबसे बड़े युद्धपोत USS Gerald R. Ford को कैरेबियन में तैनात किया, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि संकट किसी भी समय जमीन तक पहुँच सकता है.
वेनेज़ुएला की प्रतिक्रिया और आंतरिक हालात
वेनेज़ुएला का रुख कड़ा है. मादुरो ने ट्रंप की चेतावनी को खारिज करते हुए अमेरिका पर हस्तक्षेपवादी खेल का आरोप लगाया. अमेरिकी प्रशासन ने वेनेज़ुएला की पूरी सरकार को ‘आतंकी इकाई’ घोषित कर दिया है, जिससे अमेरिकी एजेंसियों को सैन्य और कानूनी कार्रवाई के लिए व्यापक अधिकार मिल गए हैं.
जमीन पर स्थिति भी तनावपूर्ण बनी हुई है. देश का ईंधन स्टॉक केवल 18% तक रह गया है, एयरस्पेस लगभग ठप है, और सेना में मिड-रैंक अधिकारियों के बीच दल बदल की चर्चाएँ चल रही हैं. अमेरिकी स्पेशल ऑप्स के एयरक्राफ्ट अरूबा में तैनात हैं, जबकि समाज में भय और अनिश्चितता लगातार बढ़ रही है.
अमेरिका का अंतिम संदेश
अमेरिका का संदेश साफ है, मादुरो को दिसंबर के अंत तक सत्ता छोड़नी होगी. उन्हें क्यूबा, रूस या किसी मित्र देश में सुरक्षित निकासी का विकल्प दिया गया है. अगर उन्होंने इन प्रस्तावों को ठुकरा दिया, तो अमेरिका हफ्तों में सत्ता परिवर्तन वाला ऑपरेशन शुरू कर सकता है. फिलहाल मादुरो ने इस पेशकश को अस्वीकार कर दिया है, और संकट की स्थिति क्षेत्रीय और वैश्विक दोनों स्तरों पर बढ़ती जा रही है.
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