अगर आप रोज़ाना नेट बैंकिंग करते हैं या बैंकिंग ऐप्स के ज़रिए अपने खाते का लेन-देन करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है. बिना किसी नोटिस के, आपके बैंक की वेबसाइट का पता यानी डोमेन नेम बदल चुका है. अब आप जिस वेबसाइट को सालों से खोलते आ रहे हैं जैसे sbi.in या hdfcbank.com वे अब पुराने हो चुके हैं.
दरअसल, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने साइबर सुरक्षा को मज़बूत करने और ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकने के लिए देशभर के सभी बैंकों के डोमेन में बड़ा बदलाव किया है. यह बदलाव अप्रैल 2025 से लागू हो चुका है, लेकिन इसके बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है.
बैंकों के डोमेन नेम में बड़ा बदलाव
21 अप्रैल 2025 को जारी किए गए RBI के एक विशेष सर्कुलर के मुताबिक, अब सभी बैंकों चाहे वे सरकारी हों, प्राइवेट हों या विदेशी को अपनी वेबसाइट का डोमेन बदलना अनिवार्य कर दिया गया है.अब तक बैंक अपनी वेबसाइट्स में .com या .in का इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब इनकी जगह नया डोमेन एक्सटेंशन .bank.in होगा. इसका मतलब है. पहले वेबसाइट थी sbi.in अब नई वेबसाइट होगी sbi.bank.in यह नया नियम सभी भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बैंकों पर लागू किया गया है जो भारत में ऑपरेट करते हैं. यानी चाहे आप एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई या सिटीबैंक के ग्राहक हों अब आपकी बैंकिंग वेबसाइट का नया पता .bank.in पर खत्म होगा.
डोमेन नेम आखिर होता क्या है?
कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि यह डोमेन नेम आखिर है क्या? इंटरनेट की दुनिया में डोमेन नेम किसी वेबसाइट का डिजिटल एड्रेस होता है. जैसे आपके घर का एक यूनिक पता होता है, वैसे ही वेबसाइट का भी एक यूनिक पता होता है, जिससे लोग उसे ढूंढ पाते हैं. उदाहरण के तौर पर www.google.com गूगल का डोमेन www.sbi.bank.in अब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का नया डोमेन यानी, डोमेन वह नाम है जो आपको इंटरनेट पर सही वेबसाइट तक पहुंचने में मदद करता है.
क्यों उठाया गया यह कदम?
यह बदलाव केवल तकनीकी नहीं, बल्कि सुरक्षा से जुड़ा कदम है. हाल के वर्षों में फिशिंग और ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड्स में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है. ठग बैंक की असली वेबसाइट जैसी दिखने वाली डुप्लीकेट साइट्स बनाकर ग्राहकों से पासवर्ड और ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारी चुरा रहे थे. RBI ने पाया कि .com और .in जैसे डोमेन आसानी से क्लोन किए जा सकते हैं, जिससे फर्जी वेबसाइट्स का पता लगाना मुश्किल हो जाता है. लेकिन .bank.in एक अत्यधिक सुरक्षित और ऑथेंटिक डोमेन है, जिसे केवल अधिकृत वित्तीय संस्थान ही रजिस्टर कर सकते हैं. इस डोमेन पर अतिरिक्त सुरक्षा परतें (security layers) होती हैं, जिससे किसी साइबर अपराधी के लिए फर्जी साइट बनाना लगभग असंभव हो जाता है.
आपके लिए इसका क्या मतलब है?
अगर आप इंटरनेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको सिर्फ एक बात का ध्यान रखना है. जब भी किसी बैंक की वेबसाइट खोलें, वेबसाइट के एड्रेस बार में bank.in जरूर देखें. उदाहरण के लिए सही वेबसाइट → www.axis.bank.in. फर्जी वेबसाइट → www.axisbank.in या www.axis.com अगर वेबसाइट के पते में “bank.in” नहीं है, तो समझ लीजिए कि आप किसी फिशिंग साइट पर जा रहे हैं.
RBI की चेतावनी और सुझाव
RBI ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे ग्राहकों को नए डोमेन के बारे में सूचित करें और पुरानी वेबसाइट्स पर “रीडायरेक्ट” का नोटिस लगाएं, ताकि ग्राहक गलती से भी फर्जी साइट पर न पहुंचें. इसके अलावा, ग्राहकों से कहा गया है कि:किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें.वेबसाइट एड्रेस हमेशा खुद टाइप करें. “bank.in” डोमेन देखकर ही लॉगइन करें. अगर कोई वेबसाइट पासवर्ड या ओटीपी मांगती है और आपको संदेह है, तो तुरंत बैंक से संपर्क करें.
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