ओटावा से बड़ी खबर कनाडा और अमेरिका के बीच हाल के दिनों में चल रहा व्यापारिक तनाव अब ठंडा होता दिख रहा है. दरअसल, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से औपचारिक रूप से माफी मांग ली है. यह माफी उस विवादित विज्ञापन के कारण मांगी गई है जिसमें ट्रंप की टैरिफ नीति की आलोचना की गई थी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के पुराने भाषण का हवाला दिया गया था.
यह विवाद 14 अक्टूबर को शुरू हुआ जब कनाडा सरकार की ओर से एक एंटी-टैरिफ विज्ञापन जारी किया गया. इस एक मिनट के विज्ञापन में 1987 में रोनाल्ड रीगन द्वारा दिए गए एक रेडियो संबोधन के अंश दिखाए गए थे. रीगन उस भाषण में यह कहते हैं कि टैरिफ नीति अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक हो सकती है और इसका दायरा सीमित होना चाहिए. इस संदेश को वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रोटेक्शनिस्ट ट्रेड पॉलिसी पर सीधा हमला माना गया. विज्ञापन के तुरंत बाद वॉशिंगटन ने नाराज़गी जताई और ट्रंप ने कनाडा के साथ चल रही व्यापार वार्ता (Trade Talks) को रोक दिया. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कनाडाई आयात पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाया जा सकता है.
ट्रंप का गुस्सा और सख्त बयान
वॉशिंगटन में मीडिया से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, कि मेरा मार्क कार्नी के साथ अच्छा रिश्ता है, मैं उन्हें पसंद करता हूं, लेकिन उन्होंने जो किया वह पूरी तरह गलत था. यह विज्ञापन झूठा और भ्रामक था. रोनाल्ड रीगन टैरिफ के समर्थक थे, और विज्ञापन में उल्टा दिखाया गया. ट्रंप के इस बयान ने दोनों देशों के बीच पहले से चल रहे तनाव को और गहरा कर दिया. अमेरिकी प्रशासन ने यह भी संकेत दिया कि जब तक विज्ञापन को लेकर स्थिति साफ नहीं होती, तब तक व्यापार वार्ता शुरू नहीं की जाएगी.
मार्क कार्नी की सफाई और माफी
इस विवाद को खत्म करने के प्रयास में कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने आगे बढ़कर खुद पहल की. उन्होंने दक्षिण कोरिया के शहर ग्योंगजू में पत्रकारों से कहा कि मैंने राष्ट्रपति ट्रंप से माफी मांगी है क्योंकि उन्हें इस विज्ञापन से ठेस पहुँची थी. मेरा उद्देश्य किसी भी प्रकार का अपमान करना नहीं था. हमने अब यह सुनिश्चित किया है कि अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता तभी शुरू होगी जब वे तैयार होंगे. कार्नी ने यह भी कहा कि कनाडा अमेरिका के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखना चाहता है, और इस गलतफहमी को अब समाप्त मानना चाहिए.
विज्ञापन का असली मकसद क्या था?
कनाडा के भीतर इस विज्ञापन को देश की आर्थिक नीति पर चर्चा बढ़ाने के उद्देश्य से जारी किया गया था. विज्ञापन में यह तर्क दिया गया कि अत्यधिक टैरिफ न केवल अमेरिका, बल्कि उसके व्यापारिक साझेदार देशों के लिए भी नुकसानदेह साबित हो सकते हैं. हालांकि, यह संदेश अमेरिकी मीडिया में ऐसे पेश हुआ जैसे कि यह ट्रंप की नीति की आलोचना हो. नतीजतन, व्हाइट हाउस ने इसे “राजनीतिक हमला” बताया और कनाडा के साथ वार्ता को रोकने का निर्णय लिया.
दोबारा वार्ता की उम्मीदें
अब जबकि मार्क कार्नी ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है, विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच जमी बर्फ पिघल सकती है. ट्रंप प्रशासन ने भी संकेत दिया है कि व्यापार वार्ता जल्द फिर शुरू हो सकती है, हालांकि इसके लिए कोई औपचारिक तारीख तय नहीं की गई है. अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, कनाडा और अमेरिका के बीच मजबूत आर्थिक संबंध दोनों के लिए जरूरी हैं. दोनों देशों के बीच हर साल 700 अरब डॉलर से अधिक का व्यापार होता है, और किसी भी तरह का टैरिफ विवाद दोनों अर्थव्यवस्थाओं पर असर डाल सकता है.
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