अमेरिका के राजनीतिक गलियारों में अब एक और टेक दिग्गज की एंट्री की चर्चा तेज हो गई है. मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग हाल ही में व्हाइट हाउस में आयोजित टेक इंडस्ट्री के दिग्गजों की एक डिनर मीटिंग में शामिल हुए, जहां पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक टिप्पणी ने सभी का ध्यान खींचा. ट्रंप ने जुकरबर्ग की सार्वजनिक संवाद की हिचक को देखकर कहा, "यह तुम्हारे राजनीतिक करियर की शुरुआत है. धीरे-धीरे तुम बोलने में माहिर हो जाओगे."
हालांकि जुकरबर्ग ने मीटिंग के बाद स्पष्ट किया कि उन्हें इस तरह के सवालों की उम्मीद नहीं थी, लेकिन ट्रंप की टिप्पणी ने यह संकेत जरूर दे दिया कि जुकरबर्ग अब राजनीति में उतरने की तैयारी कर सकते हैं.
तकनीक से राजनीति की ओर बढ़ते कदम
मार्क जुकरबर्ग से पहले भी कई टेक दिग्गज अमेरिकी राजनीति में अपनी भूमिका निभा चुके हैं. एलन मस्क, टेस्ला के सीईओ, ट्रंप प्रशासन में प्रशासनिक भूमिका निभा चुके हैं. विवेक रामास्वामी, बायोटेक फर्म Roivant Sciences के पूर्व सीईओ, 2024 में रिपब्लिकन पार्टी से राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल हुए थे. डिजिटल हेल्थ स्टार्टअप आप्टिव के एथन अग्रवाल और Andreessen Horowitz के स्कॉट कुपोर भी राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रह चुके हैं. यह साफ है कि टेक्नोलॉजी जगत से राजनीति में जाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है, और जुकरबर्ग का नाम अब इस सूची में अगला हो सकता है.
डिनर मीटिंग की बड़ी बातें
व्हाइट हाउस में हुई इस हाई-प्रोफाइल डिनर मीटिंग में मार्क जुकरबर्ग, डोनाल्ड ट्रंप के ठीक बगल में बैठे थे. इस दौरान जुकरबर्ग ने घोषणा की कि मेटा आने वाले वर्षों में अमेरिका में 600 बिलियन डॉलर का निवेश करेगा. उन्होंने ट्रंप को इस मीटिंग में आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद भी दिया. वहीं, OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने भी इस बैठक में ट्रंप की नीतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि, “अब हम दुनिया में सबसे आगे बढ़ने जा रहे हैं और यह आपके बिना संभव नहीं था.”
एलन मस्क की गैर-मौजूदगी रही चर्चा में
मीटिंग में एक नाम जो गायब था, वो था एलन मस्क का. हालांकि, रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रंप ने उन्हें निमंत्रण भेजा था, लेकिन मस्क ने खुद आने के बजाय अपना प्रतिनिधि भेज दिया. बिजनेस इनसाइडर के मुताबिक मस्क और ट्रंप के संबंधों में फिलहाल दूरी बनी हुई है, लेकिन दोनों पक्ष अभी संवाद के विकल्प खुले रखे हुए हैं.
तकनीक और राजनीति का मिलन
यह डिनर पार्टी सिर्फ एक सामाजिक मेल-मिलाप नहीं थी, बल्कि इसके पीछे उद्देश्य AI, डिजिटल इनोवेशन और अमेरिका की तकनीकी स्थिति पर चर्चा करना था. ट्रंप ने इसे "एक सफल बैठक" बताया और कहा कि “टेक्नोलॉजी के इस नए युग में अमेरिका को वैश्विक लीडर बनाना हमारी प्राथमिकता है.”
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