GST ने बदल दिया ऑटो मार्केट का खेल! SUV छोड़ हैचबैक पर आया लोगों का दिल; इस छोटी कार की वापसी

भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में त्योहारों के सीजन ने इस बार नई जान फूंक दी है. खासतौर पर मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (Maruti Suzuki India Ltd) के लिए अक्टूबर 2025 किसी ऐतिहासिक महीने से कम नहीं रहा.

Maruti Suzuki  sales in october 2025 boost after gst changes
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भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में त्योहारों के सीजन ने इस बार नई जान फूंक दी है. खासतौर पर मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (Maruti Suzuki India Ltd) के लिए अक्टूबर 2025 किसी ऐतिहासिक महीने से कम नहीं रहा. कंपनी ने बीते महीने में अपनी अब तक की सबसे ज्यादा मंथली सेल ग्रोथ दर्ज की है, जो यह दर्शाता है कि भारतीय ग्राहकों का भरोसा एक बार फिर छोटी और कॉम्पैक्ट कारों की ओर लौट रहा है.


मारुति सुजुकी ने अक्टूबर 2025 में कुल 2,20,894 गाड़ियां बेचीं. इनमें से 1,80,675 यूनिट्स घरेलू बाजार में बिकीं, जबकि 31,304 यूनिट्स का निर्यात किया गया. कंपनी के इतिहास में यह अब तक की सबसे बड़ी मासिक बिक्री है. त्योहारों के मौसम में ग्राहकों की भारी मांग ने कंपनी को इस मील के पत्थर तक पहुंचाया. ऑटो इंडस्ट्री के जानकारों के मुताबिक, यह सिर्फ एक मजबूत त्योहारी महीना नहीं था, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि भारत का छोटा कार सेगमेंट  जो पिछले कुछ सालों से सुस्त पड़ा था. अब एक बार फिर तेजी पकड़ रहा है.

निर्यात में आया जबरदस्त उछाल

मारुति सुजुकी के लिए इस साल की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 तक की बिक्री बेहद सामान्य रही थी. उस अवधि में कंपनी की कुल घरेलू बिक्री (जिसमें हल्के कमर्शियल वाहन भी शामिल हैं) लगभग 10 लाख यूनिट्स रही थी. जो पिछले साल की तुलना में केवल 1.4% की मामूली बढ़ोतरी थी.हालांकि, निर्यात में 40% तक की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई. लेकिन अक्टूबर ने तस्वीर पूरी तरह बदल दी. इस महीने में कॉम्पैक्ट कारों की बिक्री ने कंपनी की ग्रोथ में नई ऊर्जा भर दी. मिनी और कॉम्पैक्ट सेगमेंट की बिक्री 85,210 यूनिट्स रही, जबकि यूटिलिटी वाहनों (SUVs) की बिक्री 77,571 यूनिट्स तक पहुंची. यह कई तिमाहियों में पहली बार हुआ कि छोटी कारों की बिक्री ने SUVs को पछाड़ दिया  जो मारुति के लिए एक बड़ा संकेत है कि भारत में ‘स्मॉल कार क्रांति’ फिर से लौट रही है.

SUVs की रफ्तार जारी, लेकिन छोटी कारों ने मारी बाजी

पिछले दशक में भारत की कार इंडस्ट्री पर SUVs का दबदबा रहा है. वित्त वर्ष 2018 में जहां SUVs की हिस्सेदारी केवल 25% थी, वहीं वित्त वर्ष 2025 तक यह बढ़कर 50% से ज्यादा हो गई. ग्राहक बड़ी, मजबूत और स्टाइलिश गाड़ियों की ओर खिंचते चले गए. इस ट्रेंड का फायदा उठाने के लिए मारुति सुजुकी ने भी तेजी से अपने पोर्टफोलियो में कई SUV मॉडल जोड़े  जैसे ब्रेज़ा, ग्रैंड विटारा, फ्रोंक्स, इनविक्टो, जिम्नी और विक्टोरिस.इन गाड़ियों की मदद से कंपनी ने हुंडई, टाटा और किआ जैसी कंपनियों से अपनी खोई हुई बाजार हिस्सेदारी वापस पाई. सिर्फ अक्टूबर 2025 में ही SUVs की बिक्री में साल-दर-साल 10% की वृद्धि दर्ज की गई.

बदलती नीति और ग्राहकों की वापसी

दिलचस्प बात यह है कि इस बार बिक्री में सबसे बड़ा योगदान छोटी और कॉम्पैक्ट कारों का रहा. दरअसल, जीएसटी दरों में बदलाव और कीमतों में कमी ने ग्राहकों को फिर से शोरूम की ओर खींच लिया. जो ग्राहक पहले महंगाई के कारण खरीदारी टाल रहे थे, वे अब दोबारा बाजार में लौट आए हैं. डीलरों के अनुसार, कई ग्राहक जो लंबे समय से “वेट एंड वॉच” की स्थिति में थे, अब अपने पहले या दूसरे वाहन की खरीद के लिए फिर से तैयार हैं. खासकर पहली बार कार खरीदने वाले  यानी दोपहिया वाहन चलाने वाले लोग  अब ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक अपग्रेड के रूप में छोटी कारों को चुन रहे हैं.

टियर-2 और टियर-3 शहरों में बढ़ी डिमांड

मारुति सुजुकी का देशभर में 3,700 से अधिक आउटलेट्स का नेटवर्क है, और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत साबित हो रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, टियर-2 और टियर-3 शहरों से अब सबसे ज्यादा बुकिंग्स आ रही हैं. इन छोटे शहरों में लोगों की क्रय शक्ति बढ़ी है और अब वे भरोसेमंद, कम मेंटेनेंस वाली गाड़ियां खरीदने के लिए उत्सुक हैं.मारुति की “छोटी कारों की वापसी” ने न सिर्फ कंपनी की ग्रोथ को नई दिशा दी है, बल्कि पूरे भारतीय ऑटो मार्केट में एक नया रुझान पैदा किया है  जो संकेत देता है कि आने वाले महीनों में स्मॉल कार सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा और भी तेज होने वाली है.

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