मसूद अजहर ने स्लीपर सेल को दिया फ्री हैंड... दिल्ली धमाके से पहले ही पाकिस्तानी पत्रकार ने किया था दावा

राजधानी दिल्ली में 10 नवंबर को हुए धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियां मामले की तह तक पहुंचने में जुटी हैं. प्रारंभिक जांच में कई देश-विरोधी नेटवर्क की भूमिका की जांच की जा रही है.

Masood Azhar and Hafiz Saeed carried out Delhi blasts
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राजधानी दिल्ली में 10 नवंबर को हुए धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियां मामले की तह तक पहुंचने में जुटी हैं. प्रारंभिक जांच में कई देश-विरोधी नेटवर्क की भूमिका की जांच की जा रही है. इसी बीच पाकिस्तान के एक वरिष्ठ पत्रकार के पुराने वीडियो ने इस हमले पर नई बहस छेड़ दी है. वीडियो में पत्रकार दावा करते दिख रहे हैं कि भारत पर आतंकी हमले कराने के लिए पाकिस्तान में बैठे कई कुख्यात नाम पहले से सक्रिय हो चुके थे.

यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर फिर से वायरल हो रहा है. यह मई 2025 का बताया जा रहा है, ठीक उस समय का जब भारत ने पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाया था. वीडियो में किए गए दावे बेहद गंभीर हैं और दिल्ली धमाके से जोड़कर देखे जा रहे हैं.

पत्रकार के दावे से बढ़ी हलचल

वीडियो में पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार जावेद चौधरी यह कहते दिखाई देते हैं कि भारत पर हमले कराने के लिए मसूद अजहर और हाफिज सईद जैसे आतंकी सरगना एक बार फिर “पूर्ण सक्रिय” हो गए हैं. चौधरी के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर में हुई तबाही के बाद ये आतंकी भारत में अपने स्लीपर सेल्स को खुली छूट देने की तैयारी में थे.

वीडियो के शब्दों में वह कहते दिखते हैं कि “अब भारत में फिदायीन हमले होंगे, क्योंकि मसूद अजहर ने बदला लेने का अधिकार खुद को दे दिया है.” इस बयान के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां यह तथ्य भी खंगाल रही हैं कि क्या इन आतंकी नेटवर्क ने पिछले महीनों में भारत में कोई योजनाबद्ध हलचल शुरू की थी.

पाकिस्तान में अगले ही दिन विस्फोट, संयोग या रणनीति?

दिल्ली में 10 नवंबर को धमाका हुआ, और ठीक अगले दिन 11 नवंबर को पाकिस्तान में विस्फोट की घटना सामने आई. इस दोहराव ने कई विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है, क्योंकि अक्सर पाकिस्तान ऐसे “काउंटर-इंसिडेंट” दिखाकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खुद को पीड़ित के रूप में पेश करने की कोशिश करता रहा है.

कई सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान अक्सर अपने प्रायोजित हमलों को छिपाने के लिए इस तरह के घटनाक्रम रचता रहा है ताकि ध्यान भारत से हटे और खुद को आतंकवाद का शिकार दिखा सके.

स्लीपर सेल्स पर खुला संकेत?

जावेद चौधरी ने अपने बयान में दावा किया कि पाकिस्तान में लंबे समय से दबाकर रखा गया नेटवर्क अब सक्रिय किया गया है. उन्होंने कहा कि मसूद अजहर और हाफिज सईद को अब “फ्री हैंड” दे दिया गया है और उनके समर्थक भारत में मौजूद स्लीपर एजेंट्स को सक्रिय कर सकते हैं.

सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्टों में पहले भी संकेत मिले हैं कि पाकिस्तान-आधारित आतंकी संगठन भारत में वर्षों से नेटवर्क बनाने की कोशिश करते रहे हैं. यह नेटवर्क एक बार सक्रिय हो जाए तो छोटे समूहों के माध्यम से बड़े हमले भी करवा सकता है.

पाकिस्तान में इन आतंकी सरगनाओं की सच्चाई

पाकिस्तान हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह दावा करता है कि वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने बार-बार उसे आतंकवाद का सुरक्षित ठिकाना बताया है.

मसूद अजहर (जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख) और हाफिज सईद (लश्कर-ए-तैयबा संस्थापक) दोनों संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित हो चुके हैं. इसके बावजूद पाकिस्तान में उनकी विचारधारा और नेटवर्क लगातार संरक्षित रहे हैं.

वीडियो में चौधरी जिस अंदाज में दोनों आतंकियों की “काबिलियत” का जिक्र कर रहे हैं, उससे पाकिस्तान के भीतर उन्हें मिलने वाले समर्थन का अंदाजा भी लगाया जा सकता है.

भारत की जांच तेजी पर

दिल्ली धमाके के बाद भारतीय एजेंसियां उस इलाके से मिले डिजिटल सिग्नल, विस्फोटक सामग्री, कॉल रिकॉर्ड और सीमा पार से जुड़े किसी भी संदिग्ध लिंक की जांच कर रही हैं.

जांच अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगा, लेकिन वीडियो में किए गए दावे की समयावधि और धमाके के पैटर्न के आधार पर सभी संभावनाएं जांच के दायरे में लाई जा रही हैं.

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