टाटा-एर्नाकुलम एक्सप्रेस में भीषण आग, दो डिब्बे जलकर खाक, AC बोगियों से धू-धू कर निकलने लगीं लपटें

आंध्र प्रदेश में रविवार देर रात एक बड़ा रेल हादसा सामने आया, जब टाटा–एर्नाकुलम एक्सप्रेस में अचानक आग लग गई.

Massive fire in Tata-Ernakulam Express two coaches burnt
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Tata-Ernakulam Express: आंध्र प्रदेश में रविवार देर रात एक बड़ा रेल हादसा सामने आया, जब टाटा–एर्नाकुलम एक्सप्रेस में अचानक आग लग गई. इस हादसे में एक यात्री की मौत हो गई, जबकि ट्रेन के दो एसी कोच पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए. आग लगते ही ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों के बीच चीख-पुकार सुनाई देने लगी.

यह घटना रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात करीब 1:30 बजे की बताई जा रही है. ट्रेन जब आंध्र प्रदेश के एलामंचिली के पास से गुजर रही थी, तभी पैंट्री कार से सटे B-1 और M-2 एसी कोच में अचानक आग की लपटें उठने लगीं. कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया और दोनों कोचों में घना धुआं भर गया.

रेलवे सूत्रों के अनुसार, लोको पायलट ने धुआं और आग की लपटें देखकर तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया. हालांकि, जब तक दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, तब तक दोनों एसी कोच पूरी तरह जलकर खाक हो चुके थे. आग के कारण यात्रियों में भारी दहशत फैल गई और कई लोग जान बचाने के लिए घबराकर ट्रेन से नीचे उतर आए.

एक यात्री की मौत, सामान जलकर नष्ट

इस दर्दनाक हादसे में विजयवाड़ा निवासी 70 वर्षीय चंद्रशेखर सुंदर की मौत हो गई. वे B-1 एसी कोच में यात्रा कर रहे थे और आग की चपेट में आ गए. इसके अलावा, दोनों प्रभावित कोचों में सवार यात्रियों का सारा सामान जलकर राख हो गया. कई यात्रियों ने बताया कि आग बहुत तेजी से फैली, जिससे बाहर निकलने का समय भी नहीं मिल सका.

दमकल और राहत कार्य

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के फायर स्टेशनों से दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं. कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका. रेलवे प्रशासन ने एहतियात के तौर पर एंबुलेंस भी बुलवाईं और यात्रियों को प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई गई. हादसे के बाद करीब 2,000 यात्री स्टेशन और आसपास के इलाकों में फंस गए, जिन्हें ठंड में लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा.

रेल सेवाओं पर पड़ा असर

इस हादसे का असर विशाखापत्तनम–विजयवाड़ा रेल मार्ग पर भी देखने को मिला. इस रूट पर चलने वाली कई ट्रेनों को रोकना पड़ा या फिर देरी से चलाया गया. बाद में जले हुए कोचों को हटाकर यात्रियों को अन्य कोचों में शिफ्ट किया गया, जिसके बाद ट्रेन को आगे के सफर के लिए रवाना किया गया. रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और आग लगने के कारणों की पड़ताल की जा रही है.

बिहार में भी बड़ा रेल हादसा

इसी बीच बिहार से भी एक बड़ी रेल दुर्घटना की खबर सामने आई है. जमुई जिले में शनिवार देर रात एक मालगाड़ी की 19 बोगियां पटरी से उतर गईं, जिनमें से 10 बोगियां पुल के नीचे गिर गईं. इस हादसे के कारण नई दिल्ली–पटना–किउल–झाझा–हावड़ा रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई.

दर्जनों ट्रेनों को डायवर्ट करना पड़ा, जिससे हजारों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. सोमवार 29 दिसंबर 2025 तक भी इस रेलखंड पर ट्रेन सेवाएं पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकीं. रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत और बहाली का काम तेजी से जारी है और जल्द ही इस मार्ग पर ट्रेनों का संचालन सामान्य कर दिया जाएगा.

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