यूपी के इस शहर को मिलने जा रही नई पहचान, 250 करोड़ की लागत से बन रही फोरलेन सड़क

वृंदावन, भगवान श्रीकृष्ण की पवित्र नगरी, जल्द ही एक नए रूप में देखने को मिलेगी. यमुना एक्सप्रेसवे से लेकर पागल बाबा मंदिर तक बनने वाली फोरलेन सड़क परियोजना अब अपने अंतिम चरण में है.

Mathura Vrindavan four lane road is 95% complete and service roads have been approved
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वृंदावन, भगवान श्रीकृष्ण की पवित्र नगरी, जल्द ही एक नए रूप में देखने को मिलेगी. यमुना एक्सप्रेसवे से लेकर पागल बाबा मंदिर तक बनने वाली फोरलेन सड़क परियोजना अब अपने अंतिम चरण में है. यह 250 करोड़ रुपये की लागत से बन रही परियोजना न सिर्फ श्रद्धालुओं के लिए एक आसान और सुरक्षित यात्रा मार्ग प्रदान करेगी, बल्कि इस क्षेत्र के विकास को भी नई दिशा देगी.

परियोजना की महत्वपूर्ण विशेषताएं

यमुना एक्सप्रेसवे से पागल बाबा मंदिर तक 7.278 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क परियोजना की लागत 250 करोड़ रुपये है. इस परियोजना के तहत यमुना पर 545 मीटर लंबा एक नया पुल भी बनाया गया है, जो 45 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है. परियोजना के 95 प्रतिशत कार्य पहले ही पूरा हो चुका है, जबकि केवल यमुना पुल एप्रोच रोड और फ्लाईओवर एप्रोच रोड का काम बाकी रह गया है. इस बीच, शासन से एक और महत्वपूर्ण मंजूरी मिल चुकी है, जिसके तहत सड़क के दोनों ओर 7-7 मीटर चौड़ी सर्विस रोड बनाई जाएगी. इससे स्थानीय यातायात की समस्या को हल किया जाएगा और यात्रा में भी आराम मिलेगा.

भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी

परियोजना की शुरुआत में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया धीमी थी, लेकिन जुलाई 2024 से अधिग्रहण कार्य में तेजी आई. ढकू और पानीगांव बांगर क्षेत्र की लगभग 1.73 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण अब पूरा हो चुका है, जिससे परियोजना को नई गति मिली है. अब यह सड़क परियोजना अपने समापन की ओर बढ़ रही है और जल्द ही यात्रियों के लिए एक नए और बेहतर मार्ग का निर्माण होगा.

यात्रा का नया अनुभव: श्रद्धालुओं के लिए राहत

वृंदावन में विशेष अवसरों और त्योहारों के दौरान लाखों श्रद्धालु आते हैं, और पुराने पुल और संकरी सड़क के कारण लंबा जाम लगना आम बात हो जाती है. नई फोरलेन सड़क इस समस्या का हल साबित होगी. इस सड़क से न सिर्फ यातायात का दबाव कम होगा, बल्कि श्रद्धालुओं को बिना किसी परेशानी के सीधे एक्सप्रेसवे से वृंदावन तक पहुंचने का मौका मिलेगा.

स्थानीय व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

इस फोरलेन सड़क परियोजना से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि वृंदावन और मथुरा के पर्यटन और व्यापार को भी नई दिशा मिलेगी. इस परियोजना से पूरे मथुरा जिले का विकास होगा और यह क्षेत्र आगरा, नोएडा जैसी आधुनिक सुविधाओं से जुड़ जाएगा. इससे स्थानीय व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा और धार्मिक पर्यटन को नए आयाम मिलेंगे.

परियोजना की अब तक की प्रगति

अब तक इस परियोजना का 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जिसमें 545 मीटर लंबा यमुना पुल और अधिकांश सड़क निर्माण कार्य शामिल है. अब केवल यमुना पुल एप्रोच रोड और फ्लाईओवर एप्रोच रोड का काम शेष है, जिसे आगामी महीनों में पूरा कर लिया जाएगा. शासन से सर्विस रोड के निर्माण के लिए मंजूरी मिल चुकी है, और इसके लिए नापतौल का काम भी शुरू कर दिया गया है.

वृंदावन का नया विकास मार्ग

इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि वृंदावन का यातायात संरचना पूरी तरह से बदल जाएगी. फोरलेन सड़क बनने के बाद, विशेष आयोजनों और त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं को अब लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा. नए पुल के जरिए वाहनों का प्रवेश होगा, जबकि पुराने पुल से बाहर निकलने का रास्ता रहेगा, जिससे ट्रैफिक का दबाव बंट जाएगा. इसके अलावा, 24 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क के दोनों ओर सात-सात मीटर की सर्विस रोड बन रही है, जो स्थानीय यातायात के लिए वरदान साबित होगी.

परियोजना के मुख्य तथ्य

  • परियोजना का नाम: यमुना एक्सप्रेसवे से पागल बाबा मंदिर तक फोरलेन सड़क
  • कुल लंबाई: 7.278 किलोमीटर
  • कुल लागत: 250 करोड़ रुपये
  • यमुना पुल की लंबाई: 545 मीटर
  • शेष कार्य: यमुना पुल एप्रोच रोड और फ्लाईओवर एप्रोच रोड
  • सर्विस रोड की स्वीकृति: सात-7 मीटर चौड़ी सर्विस रोड
  • कुल सड़क चौड़ाई: 24 मीटर

सड़क के निर्माण का महत्व

इस फोरलेन सड़क परियोजना का निर्माण वृंदावन और मथुरा जिले के विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा. पुराने पुल और संकरी सड़कों के कारण यात्रियों को कठिनाई होती थी, लेकिन इस नए मार्ग से न केवल जाम की समस्या का समाधान होगा, बल्कि यात्रा में भी आराम मिलेगा. इसके साथ ही यह परियोजना पर्यटन और व्यापार के क्षेत्र में भी नई संभावनाओं को खोलने का काम करेगी.

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