आज शाम पूरे उत्तर प्रदेश में छा जाएगा अंधेरा, बजेगा हवाई हमले की चेतावनी वाला सायरन, क्या है तैयारी?

उत्तर प्रदेश में आज एक असामान्य नज़ारा देखने को मिलेगा, जब शाम होते ही प्रदेश के सभी 75 जिले एक साथ अंधेरे में डूब जाएंगे.

Mock Drill blackout in Uttar Pradesh air attack warning siren
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उत्तर प्रदेश में आज एक असामान्य नज़ारा देखने को मिलेगा, जब शाम होते ही प्रदेश के सभी 75 जिले एक साथ अंधेरे में डूब जाएंगे. यह कोई बिजली संकट या तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि राज्य सरकार द्वारा की जा रही एक बड़ी आपातकालीन तैयारी का हिस्सा है. प्रदेशभर में आज शाम आपदा और युद्ध जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है.

इस अभ्यास के तहत पूरे प्रदेश में एक साथ ब्लैकआउट किया जाएगा और तेज आवाज में चेतावनी सायरन बजेंगे, ताकि आपात स्थिति में प्रशासनिक तंत्र की तत्परता और समन्वय की जांच की जा सके.

10 मिनट का रहेगा ब्लैकआउट

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज शाम 6 बजे उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक साथ मॉक ड्रिल शुरू होगी.

  • पहले 2 मिनट तक हवाई हमले की चेतावनी वाला सायरन बजेगा
  • इसके बाद 10 मिनट के लिए बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाएगी

इस दौरान पूरा प्रदेश अंधेरे में रहेगा और प्रशासनिक टीमें आपात स्थिति से निपटने के अभ्यास में जुटी रहेंगी.

लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी खुद रहेंगे मौजूद

राज्य की राजधानी लखनऊ में होने वाली मॉक ड्रिल को खास महत्व दिया गया है. लखनऊ की पुलिस लाइन में आयोजित इस अभ्यास में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं मौजूद रहेंगे.

मुख्यमंत्री के साथ कई वरिष्ठ अधिकारी भी इस मॉक ड्रिल की निगरानी करेंगे, जिनमें शामिल हैं:

  • प्रमुख सचिव गृह
  • प्रमुख सचिव नगर विकास
  • प्रमुख सचिव स्वास्थ्य
  • पुलिस महानिदेशक (DGP)
  • डीजी फायर
  • राहत आयुक्त

इन अधिकारियों की मौजूदगी से यह साफ है कि सरकार इस अभ्यास को बेहद गंभीरता से ले रही है.

किन विभागों की होगी भागीदारी?

यह मॉक ड्रिल नागरिक सुरक्षा विभाग (Civil Defence) के नेतृत्व में कराई जा रही है. इसमें कई एजेंसियां एक साथ मिलकर काम करेंगी, ताकि वास्तविक आपात स्थिति में तालमेल की परीक्षा ली जा सके.

इस अभ्यास में शामिल विभाग होंगे:

  • सिविल डिफेंस
  • उत्तर प्रदेश पुलिस
  • एनडीआरएफ (NDRF)
  • एसडीआरएफ (SDRF)
  • अग्निशमन विभाग
  • स्वास्थ्य विभाग
  • बिजली विभाग और जिला प्रशासन

अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट मोड में रहकर आपात हालात से निपटने की प्रक्रिया का अभ्यास करना होगा.

सभी जिलों को पहले ही दिए गए निर्देश

उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद ने इस मॉक ड्रिल को लेकर पहले ही सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं.

डीजीपी, यूपीपीसीएल के प्रबंध निदेशक और राहत आयुक्त के साथ समन्वय कर सभी जिलाधिकारियों और पुलिस प्रमुखों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि मॉक ड्रिल तय समय और तय प्रक्रिया के अनुसार हो.

इससे पहले भी हो चुकी है ऐसी मॉक ड्रिल

यह पहली बार नहीं है जब उत्तर प्रदेश में इस तरह का अभ्यास किया जा रहा हो. इससे पहले 7 मई 2025 को भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनज़र केंद्र सरकार के निर्देश पर देशभर में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल कराई गई थी.

उस समय:

  • देश के 244 जिलों में मॉक ड्रिल हुई थी
  • उत्तर प्रदेश के 19 जिलों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया था
  • युद्ध जैसे हालात में नागरिकों की सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों को परखा गया था

आज की मॉक ड्रिल उसी क्रम में एक और बड़ा कदम मानी जा रही है.

क्यों जरूरी है यह अभ्यास?

प्रशासन का मानना है कि प्राकृतिक आपदाओं, हवाई हमलों या किसी भी बड़ी आपात स्थिति से निपटने के लिए पहले से अभ्यास बेहद जरूरी है. इससे-

  • विभागों के बीच तालमेल बेहतर होता है
  • कमजोर कड़ियों की पहचान होती है
  • आम जनता को भी सतर्क रहने की आदत पड़ती है

योगी सरकार का यह कदम प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.

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