नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जो देश की अर्थव्यवस्था और निर्यात को नई दिशा देने के लिए अहम साबित हो सकते हैं. बैठक की शुरुआत दिल्ली ब्लास्ट के शिकार हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई. इसके बाद सरकार ने तीन प्रमुख फैसले लिए, जिनसे भारत की आर्थिक स्थिति और निर्यात क्षेत्र को मजबूत करने की कोशिश की जाएगी.
एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन के लिए 25,060 करोड़ रुपये की मंजूरी
सरकार ने भारत को एक वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन के लिए 25,060 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है. इसका उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्योगों को भी प्रोत्साहन देना है, ताकि निर्यात प्रक्रिया को और अधिक सरल, प्रतिस्पर्धी और लाभकारी बनाया जा सके. यह मिशन भारत के निर्यात को नई रफ्तार देने में मदद करेगा.
निर्यातकों के लिए 20,000 करोड़ रुपये की गारंटी स्कीम
दूसरे फैसले के तहत, सरकार ने निर्यातकों को वित्तीय सुरक्षा देने के लिए 20,000 करोड़ रुपये की गारंटी स्कीम को मंजूरी दी है. इस स्कीम से निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार में होने वाले जोखिमों से बचाव मिलेगा, और उनका व्यापार सुगम बनेगा. यह कदम भारत के निर्यातकों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती प्रदान करेगा.
क्रिटिकल मिनरल्स कानून में संशोधन
सरकार ने तीसरे महत्वपूर्ण फैसले के रूप में क्रिटिकल मिनरल्स (strategic minerals) कानून में संशोधन को मंजूरी दी है. इस फैसले से भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा और हरित ऊर्जा (green energy) क्षेत्र के लिए जरूरी खनिजों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी. यह कदम भारत के खनिज संसाधनों को लेकर आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा और देश की रणनीतिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा.
आतंकी हमले की कड़ी निंदा
केंद्रीय कैबिनेट ने दिल्ली के लाल किले के पास हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की और इस घटना को देशविरोधी ताकतों द्वारा रचा गया कायराना कृत्य बताया. बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दो मिनट का मौन रखा गया, और हमले में शहीद हुए लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई. इसके अलावा, कैबिनेट ने यह तय किया कि इस मामले की पूरी गंभीरता से जांच की जाएगी, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके. केंद्रीय कैबिनेट ने दोहराया कि भारत आतंकवाद के प्रति अपनी ज़ीरो टॉलरेंस नीति पर अडिग है. नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
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