PM Modi Car Mystery: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने दो दिवसीय दौरे पर भारत पहुंच चुके हैं. इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरपोर्ट पर जाकर खुद अपने खास दोस्त पुतिन का स्वागत किया.
रेड कारपेट और कड़ी सुरक्षा के बीच पुतिन जैसे ही पहुंचे, पीएम मोदी ने हाथ मिलाकर और गले लगाकर उन्हें अभिवादन किया. लेकिन इस दौरे में एक और चीज़ ने सबका ध्यान खींचा, एयरपोर्ट से पीएम मोदी और पुतिन की कार यात्रा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, "अपने दोस्त, राष्ट्रपति पुतिन का भारत में स्वागत करते हुए बहुत खुशी हो रही है। आज शाम और कल हमारी बातचीत का इंतज़ार रहेगा। भारत-रूस की दोस्ती समय की कसौटी पर खरी उतरी है, जिससे हमारे लोगों को बहुत फ़ायदा हुआ है।" pic.twitter.com/or4CsNQ2rt
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 4, 2025
पीएम मोदी ने चुनी टोयोटा फॉर्च्यूनर
दिल्ली के पालम टेक्निकल एयरपोर्ट से रवाना होते समय पीएम मोदी और पुतिन ने एक ही कार में सफर किया. लेकिन इस बार पीएम मोदी जिस कार में सवार थे, वह उनका पारंपरिक बीएमडब्ल्यू नहीं थी. मोदी ने पुतिन के साथ टोयोटा फॉर्च्यूनर में सफर किया. टोयोटा फॉर्च्यूनर एक जापानी वाहन है जिसकी कीमत लगभग 35 से 50 लाख रुपये के बीच होती है.
इस कार का एमएच नंबर होने और इसे चुनने के पीछे राजनीतिक और कूटनीतिक संदेश को लेकर चर्चा तेज हो गई है. राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि पीएम मोदी ने जापानी कार का चुनाव इसलिए किया ताकि वैश्विक स्तर पर एक स्पष्ट संदेश दिया जा सके. यह कदम जापान के साथ बढ़ती आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी की ओर इशारा करता है.
जापानी कार और वैश्विक संदेश
दरअसल, जापानी कार से पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत दुनिया को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है. हाल ही में भारत और जापान ने आर्थिक साझेदारी को और मजबूत किया है. दोनों देशों ने अगस्त महीने में कई एमओयू और समझौतों पर हस्ताक्षर किए. इन समझौतों के अंतर्गत जापान भारत में लगभग 10 अरब येन (लगभग 5,99,354 करोड़ रुपये) का निवेश करेगा. यह निवेश विभिन्न क्षेत्रों में किया जाएगा, जिसमें उद्योग, स्वच्छ ऊर्जा और मानव संसाधन का आदान-प्रदान शामिल है.
मोदी-पुतिन का दोस्ताना मुलाकात
पुतिन के आगमन के समय रेड कारपेट पर दोनों नेताओं की मुलाकात ने सभी का ध्यान खींचा. पुतिन ने पीएम मोदी को देखते ही पहले हाथ मिलाया और फिर गले लगा लिया. इस गर्मजोशी भरे स्वागत ने दोनों देशों के बीच मजबूत दोस्ती और सामरिक साझेदारी को दर्शाया.
जापान के निवेश का महत्व
जापान का भारत में बढ़ता निवेश एक संकेत है कि वैश्विक स्तर पर भारत को गंभीरता से लिया जा रहा है. इस कदम से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी संदेश मिला है कि भारत अपनी आर्थिक और रणनीतिक स्थिति को मजबूत कर रहा है.
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