इस्लामाबाद/काबुल: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा विवाद ने एक बार फिर गंभीर रूप ले लिया है. शनिवार रात अफगानिस्तान की सेना द्वारा पाकिस्तान की सीमा पर एक साथ किए गए हमलों के बाद क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं. जवाबी कार्रवाई और तीखे बयानों के बीच दोनों देशों के रिश्ते एक बार फिर तल्ख हो गए हैं.
भारतीय समयानुसार शनिवार रात 9:23 बजे अफगानिस्तान की सेना ने पाकिस्तान की सीमा पर सात अलग-अलग स्थानों पर एक साथ हमला किया. रिपोर्टों के मुताबिक, इस सैन्य कार्रवाई को अफगान सेना की 210 खालिद बिन वालिद ब्रिगेड और 205 अल-बद्र कॉर्प्स ने अंजाम दिया.
भारी हथियारों का इस्तेमाल किया गया
इस ऑपरेशन में टैंक, आर्टिलरी गन और अन्य भारी हथियारों का इस्तेमाल किया गया. अफगान अधिकारियों ने दावा किया कि इस हमले में 12 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जबकि 5 सैनिकों को हिरासत में ले लिया गया. इसके अलावा, अफगान सेना ने कई हथियार जब्त करने और एक पाकिस्तानी सैनिक का शव अपने शिविर में ले जाने का भी दावा किया है.
पाकिस्तान की तीखी प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के केंद्रीय गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने इस घटना को लेकर अफगानिस्तान पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान “आग और खून का खेल” खेल रहा है और इसके पीछे भारत जैसे दुश्मन देशों की साज़िश हो सकती है.
नकवी ने स्पष्ट किया कि बिना किसी उकसावे के पाकिस्तानी क्षेत्रों पर हमला अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है और इस तरह की कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने त्वरित और प्रभावी जवाब देकर यह साबित कर दिया है कि वह किसी भी उकसावे पर चुप नहीं बैठेगी.
उन्होंने कहा, "पाकिस्तानी सेना हर स्थिति के लिए तैयार है और अफगानिस्तान को हर ईंट के जवाब में पत्थर से जवाब दिया जा रहा है. यह हमारी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा का सवाल है."
भारत पर लगाया परोक्ष आरोप
गृहमंत्री नकवी ने अपने बयान में भारत की ओर इशारा करते हुए कहा कि अफगानिस्तान की ये हरकतें अकेले नहीं हो रही हैं. उन्होंने कहा कि कुछ बाहरी शक्तियाँ इस पूरे तनाव को भड़काने में लगी हैं और भारत जैसी ताकतें इस पूरे षड्यंत्र का हिस्सा हो सकती हैं. नकवी ने यह भी चेतावनी दी कि अफगानिस्तान को वैसा ही जवाब मिलेगा जैसा पाकिस्तान ने भारत को दिया था.
जनता से एकजुटता की अपील
गृहमंत्री ने देशवासियों से शांति बनाए रखने और सेना के साथ खड़े रहने की अपील करते हुए कहा, "हमारी सेना एक लोहे की दीवार की तरह हमारी रक्षा कर रही है और जनता को अपने जवानों पर पूरा भरोसा है. हम किसी भी आंतरिक या बाहरी खतरे से निपटने में सक्षम हैं."
जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान का दावा
पाकिस्तानी सेना ने भी तत्काल जवाबी कार्रवाई की. सीमा पर करीब साढ़े तीन घंटे तक दोनों ओर से गोलीबारी और टैंक फायरिंग चलती रही. यह संघर्ष रात करीब 1 बजे थमा जब अफगान रक्षा मंत्रालय ने सीज़फायर की घोषणा की.
पाकिस्तानी सैन्य सूत्रों के मुताबिक, अफगान सेना की कुछ चौकियों को नुकसान पहुंचाया गया है. वहीं, पाकिस्तानी मीडिया में विभिन्न आंकड़े सामने आ रहे हैं, जिनमें अफगान पक्ष को भी हानि पहुंचने की बात कही गई है.
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