Israel-Iran Conflict: ईरान और इजरायल के बीच चल रहे तनाव के बीच एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने खुद यह दावा किया है कि इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने उन्हें मारने की कई बार कोशिश की. एक इंटरव्यू में पेजेश्कियान ने कहा कि उन्हें और उनके साथियों को जहां भी बैठकें होती थीं, वहां पर इजरायल की ओर से बम गिराए जाते थे.
इजरायल का बमबारी का दावा
पेजेश्कियान ने अमेरिकी मीडिया के टकर कार्लसन को दिए गए इंटरव्यू में कहा, "इजरायल ने जहां भी मुझे और मेरी टीम को देखा, वहां बम गिराए. हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह हमला इजरायल-ईरान युद्ध के दौरान किया गया या पहले." उनका कहना था कि इजरायल ने इन हमलों का उद्देश्य उन्हें और उनके सहयोगियों को मारने का रखा था, लेकिन इन प्रयासों में वह सफल नहीं हो सके.
मोसाद का हाथ, अमेरिका नहीं
जब पेजेश्कियान से पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि अमेरिका का इस हमले में हाथ था, तो उन्होंने कहा कि इस मामले में अमेरिका का कोई रोल नहीं है. उनका स्पष्ट बयान था कि यह केवल इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद की साजिश थी. इसके जरिए इजरायल ने उनके खिलाफ ये बमबारी की थी, जिससे उनका जीवन खतरे में था.
अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता पर शर्तें
पेजेश्कियान ने इंटरव्यू के दौरान अमेरिकी परमाणु वार्ता पर भी अपने विचार व्यक्त किए. उन्होंने कहा कि उन्हें अमेरिका के साथ वार्ता में कोई समस्या नहीं है, लेकिन यह तब तक संभव नहीं है जब तक दोनों देशों के बीच फिर से विश्वास स्थापित नहीं होता. उनका कहना था, "हमें वार्ता में फिर से प्रवेश करने में कोई समस्या नहीं है, लेकिन यह तभी संभव है जब अमेरिका पर विश्वास बहाल हो."
यमन पर इजरायली हमले की निंदा
इंटरव्यू के दौरान, पेजेश्कियान ने यमन पर किए गए इजरायली हमले की कड़ी निंदा की. उन्होंने इसे एक गंभीर अपराध बताया और कहा कि इजरायल अमेरिका और पश्चिमी देशों के समर्थन से ऐसा कर रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि फिलीस्तीन में जो कुछ हो रहा है, उसकी जिम्मेदारी सभी देशों की है और जो इसके जिम्मेदार हैं, उन्हें दंडित किया जाना चाहिए.
ये भी पढ़ें: रूस के हमलों से फिर दहला यूक्रेन, दागे 100 से अधिक ड्रोन, नागरिक इलाकों को बनाया निशाना, 10 लोगों की मौत