Meat Consumption: दुनिया में मांस का सेवन आमतौर पर विभिन्न संस्कृतियों और परंपराओं के आधार पर होता है. अधिकतर लोग यह मानते हैं कि सबसे ज्यादा चिकन या बीफ खाया जाता है, लेकिन असलियत कुछ और है. एक दिलचस्प तथ्य यह है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खाया जाने वाला मांस सूअर का मांस है. शायद यह बात आपके लिए हैरान करने वाली हो, लेकिन यह पूरी तरह से सच है.

सूअर का मांस: क्यों है सबसे लोकप्रिय?
सूअर के मांस का सेवन दुनियाभर में व्यापक रूप से किया जाता है, और इसके पीछे कई कारण हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, सूअर पालन एशिया में सैकड़ों साल पुराना परंपरा है. सूअर को पालना आसान होता है और वे विभिन्न जलवायु परिस्थितियों में आसानी से ढल सकते हैं. इसके अलावा, सूअर जल्दी बढ़ते हैं और कम चारे में ज्यादा मांस पैदा करते हैं. इस कारण सूअर का मांस उत्पादन भी अपेक्षाकृत सस्ता और कुशल है.
संयुक्त राष्ट्र के आंकड़े
संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के अनुसार, दुनिया में मांस की कुल खपत में सूअर का मांस सबसे आगे है. इसका हिस्सा लगभग 36 फीसदी है, जबकि पोल्ट्री (चिकन) 33 फीसदी, बीफ 24 फीसदी और भेड़-बकरी का मांस केवल 5 फीसदी है. यह आंकड़े यह दर्शाते हैं कि सूअर का मांस वाकई दुनिया में सबसे ज्यादा खाया जाता है, खासकर एशियाई देशों में.

चीन में सूअर का मांस: एक प्रमुख भूमिका
चीन, जो दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश है, सूअर का मांस उत्पादन और खपत दोनों में सबसे आगे है. चीन में सूअर का मांस न केवल अधिक खाया जाता है, बल्कि इसका उत्पादन भी बहुत अधिक होता है. यहां के लोग इसे स्वादिष्ट और प्रोटीन से भरपूर मानते हैं, और यही कारण है कि सूअर का मांस चीनी भोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है.

कहां नहीं खाया जाता सूअर का मांस?
हालांकि सूअर का मांस दुनिया के अधिकांश हिस्सों में खाया जाता है, कुछ धर्मों और संस्कृतियों में इसके सेवन पर पाबंदी है. इस्लाम और यहूदी धर्म में सूअर का मांस खाना सख्त मना है, जिसके कारण सऊदी अरब, ईरान, और इज़राइल जैसे देशों में इसका सेवन बहुत कम होता है. भारत में भी धार्मिक और सांस्कृतिक कारणों से सूअर का मांस और बीफ का सेवन सीमित है.
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