भोपाल: मध्य प्रदेश का यह स्थापना दिवस कुछ खास होने वाला है. एक नवंबर को जब प्रदेश अपना 70वां स्थापना दिवस मनाएगा, तब यह दिन न केवल गौरव का प्रतीक बनेगा बल्कि नई संभावनाओं की उड़ान भी लेकर आएगा. 1956 में बने इस राज्य को इस अवसर पर पीएमश्री पर्यटन हेली सेवा जैसी बड़ी सौगात मिलने जा रही है, जो प्रदेश के पर्यटन को नई दिशा देने का काम करेगी.
तीन क्षेत्रों से होगी हेली सेवा की शुरुआत
सरकार ने इस विशेष सेवा की शुरुआत राज्य के तीन प्रमुख क्षेत्रों से करने का निर्णय लिया है. पहला क्षेत्र भोपाल से उज्जैन, इंदौर, मांडव और ओंकारेश्वर तक फैला है, जहां धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की श्रृंखला पर्यटकों को आकर्षित करती है. दूसरे क्षेत्र में नर्मदापुरम जिले का हिल स्टेशन पचमढ़ी, छिंदवाड़ा का सुंदर स्थान तामिया और छतरपुर जिले का विश्व प्रसिद्ध खजुराहो शामिल हैं. तीसरा क्षेत्र जबलपुर से लेकर कान्हा, पेंच और पन्ना राष्ट्रीय उद्यानों तक विस्तारित है, जहां प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीव पर्यटन का अद्भुत संगम देखने को मिलता है.
पर्यटन को मिलेगी नई रफ़्तार
पीएमश्री हेली सेवा से मध्य प्रदेश के पर्यटन को बड़ा “बूस्टर डोज़” मिलने की उम्मीद है. यह पहल उन यात्रियों के लिए बेहद सुविधाजनक होगी, जो सीमित समय में प्रदेश की प्रमुख जगहों का भ्रमण करना चाहते हैं. प्रदेश के ज्यादातर पर्यटक इन्हीं स्थलों की ओर आकर्षित होते हैं, और हेली सेवा के शुरू होने से उनकी यात्रा न केवल तेज़ बल्कि आरामदायक भी होगी. सरकार का लक्ष्य है कि इस सेवा के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र को और सशक्त बनाया जाए, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और आर्थिक लाभ मिल सके.
तीन दिन तक चलेगा स्थापना दिवस उत्सव
इस वर्ष मध्य प्रदेश सरकार ने स्थापना दिवस को भव्य रूप से मनाने की पूरी तैयारी की है. 1 नवंबर से तीन दिनों तक पूरे प्रदेश में सांस्कृतिक और विकासात्मक कार्यक्रमों की श्रृंखला चलेगी. हर जिले में उत्सव का माहौल होगा और जनता इस जश्न में शामिल होगी. प्रदेश की पहचान अब केवल प्राकृतिक सौंदर्य से नहीं, बल्कि विकास और नवाचार की उड़ान से भी जुड़ चुकी है.
पर्यटन विकास की नई उड़ान
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश सरकार पहले ही वायु सेवा शुरू कर पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है. अब पीएमश्री पर्यटन हेली सेवा इस पहल को और ऊँचाइयों तक ले जाएगी. यह सेवा न केवल प्रदेश को पर्यटन के मानचित्र पर और सशक्त बनाएगी, बल्कि “भारत का दिल” कहे जाने वाले मध्य प्रदेश को देश के शीर्ष पर्यटन स्थलों में शुमार करने में अहम भूमिका निभाएगी.
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