ऑनलाइन किराना डिलीवरी मार्केट में जेप्टो, ब्लिंकिट और स्विगी इंस्टामार्ट जैसी कंपनियों का दबदबा बढ़ता जा रहा है. ऐसे में अब देश के सबसे बड़े कारोबारी मुकेश अंबानी की रिलायंस रिटेल भी इस रेस में तेजी से कदम बढ़ा रही है. कंपनी ने क्विक डिलीवरी के लिए डार्क स्टोर्स का नेटवर्क खड़ा करने की योजना बनाई है ताकि ग्राहकों तक 30 मिनट से कम समय में सामान पहुंचाया जा सके.
क्या होते हैं डार्क स्टोर?
डार्क स्टोर छोटे वेयरहाउस होते हैं, जिन्हें आम तौर पर ग्राहक नहीं देख पाते, लेकिन ये ऑनलाइन ऑर्डर को बेहद कम समय में डिलीवर करने में सक्षम होते हैं. ये स्टोर 2–3 किलोमीटर के दायरे में तेज डिलीवरी के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं.
क्यों बढ़ रही है डार्क स्टोर की डिमांड?
NielsenIQ की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, मेट्रो शहरों में ई-कॉमर्स की हिस्सेदारी में 40% तक की बढ़ोतरी हुई है. इसके चलते पारंपरिक किराना दुकानों और आधुनिक व्यापार को नुकसान हुआ है. लोग अब तेजी से ऑनलाइन शॉपिंग की ओर रुख कर रहे हैं और क्विक डिलीवरी को प्राथमिकता दे रहे हैं.
रिलायंस और मोर की रणनीति
रिलायंस रिटेल के CFO दिनेश तलुजा ने बताया कि कंपनी उन क्षेत्रों को चिन्हित कर रही है जहां डिलीवरी वॉल्यूम अधिक है, लेकिन मौजूदा नेटवर्क से फास्ट डिलीवरी संभव नहीं. ऐसे क्षेत्रों में डार्क स्टोर खोले जा रहे हैं. रिलायंस का लक्ष्य है कि ग्राहक को 30 मिनट से कम समय में ऑर्डर डिलीवर किया जाए. दूसरी ओर, मोर रिटेल ने हाल ही में 45 नए स्टोर खोले हैं और अब 100 और खोलने की योजना बना रहा है. मोर रिटेल भारत में अमेजन फ्रेश का सबसे बड़ा विक्रेता भी है.
स्पेंसर की रणनीति थोड़ी अलग
हालांकि स्पेंसर रिटेल के CEO अनुज सिंह ने बताया कि उनकी प्राथमिकता डार्क स्टोर नहीं है, लेकिन कोलकाता में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है जहां डिलीवरी नेटवर्क को बेहतर बनाया जा रहा है.