Bihar Election Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना के नतीजे जैसे-जैसे सामने आ रहे हैं, हर किसी की नजरें इन्हीं पर टिकी हैं. हालांकि, जब तक खबर लिखी जा रही है, चुनाव परिणाम में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है. जहां एनडीए गठबंधन को 200 से अधिक सीटों पर बढ़त मिलती हुई दिख रही है, वहीं महागठबंधन की स्थिति बहुत ही खराब नजर आ रही है. महज 36 सीटों पर ही यह गठबंधन आगे है. वहीं, विकासशील इंसान पार्टी (VIP) का हाल और भी खराब है, क्योंकि पार्टी का खाता तक नहीं खुल पाया है. इसके अलावा अन्य पार्टी को केवल 6 सीटों पर बढ़त मिल रही है.
मुकेश सहनी की VIP को भारी झटका
बिहार चुनाव में महागठबंधन के डिप्टी सीएम पद के दावेदार रहे मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के लिए यह चुनाव काफी निराशाजनक साबित हुआ है. चुनाव परिणामों से साफ है कि वीआईपी को कोई खास सफलता नहीं मिली. पार्टी के उम्मीदवार किसी भी सीट पर आगे नहीं बढ़ पाए, और यह साफ हो गया कि मुकेश सहनी के नेतृत्व में पार्टी को इस बार जनता का समर्थन नहीं मिल सका. दरअसल, वीआईपी का खाता भी नहीं खुल पाया, जिससे पार्टी के भीतर हलचल मच गई है.
मुकेश सहनी के लिए यह पल एक बड़ा झटका है, क्योंकि उन्होंने इस चुनाव में डिप्टी सीएम पद की अपनी दावेदारी को मजबूती से पेश किया था. उनके लिए यह स्थिति और भी शर्मनाक है, क्योंकि जिस पार्टी के नेता ने चुनाव से पहले अपनी महत्वाकांक्षाओं को बड़ा दिखाया हो, वह पार्टी आखिरकार एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं कर सकी.
2020 के मुकाबले अब VIP की स्थिति में भारी गिरावट
अगर हम 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव की बात करें, तो मुकेश सहनी की पार्टी ने कुछ सफलता जरूर हासिल की थी. उस साल वीआईपी को 4 सीटें मिली थीं—बोचाहा, गौरा बौराम, अलिनगर, और साहेबगंज. इन सीटों पर जीत हासिल करके वीआईपी ने अपनी जगह बनाई थी. खासकर, साहेबगंज से राजेश कुमार सिंह के विधायक बनने के बाद पार्टी में और भी उम्मीदें जगी थीं. लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ और वीआईपी का सूपड़ा साफ हो गया.
2020 में वीआईपी को जो सफलता मिली थी, उसके बाद पार्टी को यह उम्मीद थी कि इस चुनाव में वह अपनी स्थिति को और मजबूत करेगी. लेकिन 2025 में पार्टी का खाता तक नहीं खुल सका, और यह मुकेश सहनी के लिए एक करारा झटका साबित हुआ है.
एनडीए से महागठबंधन तक का सफर
मुकेश सहनी का एनडीए से महागठबंधन में आना, एक बड़ा राजनीतिक कदम था. पहले वह एनडीए गठबंधन का हिस्सा थे और मछलीपालन मंत्री थे, लेकिन 2022 में सरकार गिरने के बाद उनका मंत्री पद भी चला गया. इसके बाद सहनी ने महागठबंधन का दामन थामा और तेजस्वी यादव को अपना 'छोटा भाई' तक बताया. इस बदलाव के साथ उन्होंने डिप्टी सीएम पद की दावेदारी की, लेकिन चुनावी परिणामों ने उनकी उम्मीदों को ध्वस्त कर दिया. इस बार उनकी पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी, जिससे यह साबित हो गया कि उनका राजनीतिक भविष्य इस बार परास्त हुआ है.
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