फ्रांस के म्यूजियम से नेपोलियन के कीमती गहने चोरी, खिड़की काटकर 4 मिनट में किया हाथ साफ, देखें VIDEO

दुनिया के सबसे प्रसिद्ध संग्रहालयों में से एक, लूव्र म्यूजियम में एक चौंकाने वाली चोरी की घटना सामने आई है.

Napoleons precious jewels stolen from French museum
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पेरिस: दुनिया के सबसे प्रसिद्ध संग्रहालयों में से एक, लूव्र म्यूजियम में एक चौंकाने वाली चोरी की घटना सामने आई है. रविवार सुबह, जब म्यूजियम खुला ही था, कुछ अज्ञात चोरों ने हाई-टेक तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए महज 4 मिनट में 19वीं सदी के ऐतिहासिक गहनों पर हाथ साफ कर दिया. चोरी की गई वस्तुओं में नेपोलियन बोनापार्ट और उनकी पत्नी महारानी जोसेफिन के 9 दुर्लभ और ऐतिहासिक आभूषण शामिल हैं.

पुलिस जांच के अनुसार, यह चोरी पूरी तरह से एक योजनाबद्ध और पेशेवर तरीके से की गई. चोर एक ट्रक पर सीढ़ी लेकर पहुंचे और उसे लूव्र म्यूजियम की दीवार से लगाकर ऊपर चढ़ गए. इसके बाद डिस्क कटर की मदद से खिड़की काटी गई और वे सीधे उस गैलरी तक पहुंचे, जहां नेपोलियन और जोसेफिन के गहने रखे हुए थे.

अपराध में कम से कम तीन लोग शामिल

चोरों ने निर्माण कार्य के लिए लगाई गई एक मालवाहक लिफ्ट का इस्तेमाल किया, जिससे उन्हें म्यूजियम के अंदर गैलरी तक पहुंचने में आसानी हुई. पुलिस का मानना है कि इस अपराध में कम से कम तीन लोग शामिल थे, दो अंदर चोरी करने में लगे थे और एक बाहर निगरानी कर रहा था.

चोरी के 4 मिनट: शीशे और ताले तोड़े

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चोरों ने शीशे और गैलरी के ताले तोड़ने के लिए चेनसॉ जैसे औजारों का इस्तेमाल किया. चोरी के बाद वे एक T-Max स्कूटर पर बैठकर A6 मोटरवे की ओर फरार हो गए. ट्रक और सीढ़ी को वे मौके पर ही छोड़ गए, जिसे अब पुलिस ने सबूत के तौर पर जब्त कर लिया है.

क्या-क्या चुराया गया?

चोरी हुए नौ गहनों में एक हार, एक ब्रोच, एक टियारा और अन्य कीमती आभूषण शामिल हैं. इनमें सबसे महत्वपूर्ण था यूजनी क्राउन (Eugénie Crown), जिसे वर्ष 1855 में नेपोलियन III की पत्नी महारानी यूजनी डी मॉन्टिजो के लिए डिजाइन किया गया था. यह ऐतिहासिक ताज हजारों हीरे और पन्नों से जड़ा हुआ था और इसकी बनावट फ्रेंच रॉयल्टी के वैभव को दर्शाती है.

चोरी के दौरान इस ताज के कुछ हिस्से टूटे हुए पाए गए हैं, जिससे संकेत मिलता है कि भागते समय यह क्षतिग्रस्त हुआ होगा.

फ्रांस सरकार की प्रतिक्रिया

फ्रांस की संस्कृति मंत्री रशीदा दाती ने इस चोरी की पुष्टि करते हुए इसे “गंभीर सांस्कृतिक क्षति” बताया. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि “म्यूजियम खुलते ही यह चोरी हुई, और यह हमारी सांस्कृतिक विरासत पर एक हमला है.”

वहीं, फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने इस घटना को “आधुनिक तकनीकों से की गई एक बड़ी डकैती” करार दिया है. उन्होंने बताया कि जांच के लिए बैंडिटिज्म रिप्रेशन ब्रिगेड (BRB) और सांस्कृतिक संपत्ति तस्करी विरोधी कार्यालय को लगाया गया है.

चोरों के विदेशी होने का शक

फ्रांसीसी पुलिस को शक है कि यह चोरी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने वाले किसी गिरोह की करतूत हो सकती है. जांच अधिकारियों को आशंका है कि चोरी गए गहने किसी निजी कलेक्टर के लिए चुराए गए होंगे, जिन्हें काले बाजार में बेचने की बजाय छिपा कर रखा जाएगा.

सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे

फिलहाल म्यूजियम के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. पुलिस को कुछ संदिग्ध गतिविधियां और चेहरों की पहचान हुई है, जिनके आधार पर आगे की जांच तेज कर दी गई है.

हजारों पर्यटकों को लौटना पड़ा

चोरी के बाद सुरक्षा कारणों से लूव्र म्यूजियम को तत्काल बंद कर दिया गया. हजारों की संख्या में पर्यटक, जो म्यूजियम देखने आए थे, उन्हें वापस भेजा गया. एक ब्रिटिश पर्यटक ने बताया कि जब वे सुबह 10 बजे पहुंचे, तो वहां पहले से भारी भीड़ थी, लेकिन पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों ने म्यूजियम खाली करवा लिया.

लूव्र म्यूजियम: एक संक्षिप्त परिचय

लूव्र म्यूजियम दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और सबसे अधिक देखे जाने वाले म्यूजियमों में से एक है. यहां पर लगभग 3.8 लाख कलाकृतियां और ऐतिहासिक वस्तुएं संग्रहीत हैं, जिनमें से करीब 35,000 वस्तुएं सार्वजनिक प्रदर्शनी में रहती हैं. इसकी सबसे प्रसिद्ध कलाकृति है लियोनार्डो दा विंची की मोनालिसा, जो एक बार पहले भी चोरी हो चुकी है.

1911 की मोनालिसा चोरी की याद

लूव्र में इससे पहले भी ऐतिहासिक चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं. वर्ष 1911 में एक इटालियन कर्मचारी ने मोनालिसा की पेंटिंग चुरा ली थी. वह रातभर म्यूजियम की अलमारी में छिपा रहा और अगली सुबह पेंटिंग को कोट के नीचे छिपाकर बाहर निकल गया. दो साल बाद वह पेंटिंग इटली के फ्लोरेंस में बरामद हुई थी.

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