Asteroid Hitting Earth: पृथ्वी पर हर दिन किसी न किसी प्रकार की आसमानी आफत का खतरा मंडराता रहता है, जिसे वैज्ञानिक अपनी कड़ी निगरानी में रखते हैं. हाल ही में, नासा (NASA) ने तीन नए एस्टेरॉयड का पता लगाया है, जो पृथ्वी की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं. ये एस्टेरॉयड अब तक के सबसे करीब से गुजरने वाले खगोलीय पिंडों में से एक हैं, लेकिन वैज्ञानिकों के अनुसार इनसे चिंता की कोई बात नहीं है. तो, क्या हमें इन एस्टेरॉयड्स से डरने की जरूरत है? आइए जानते हैं इस बारे में.
नासा ने जारी किया अलर्ट
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने तीन नए एस्टेरॉयड का पता लगाया है जो पृथ्वी की कक्षा के करीब से गुजरने वाले हैं. इन एस्टेरॉयड्स की निरंतर निगरानी की जा रही है, और नासा ने इनके बारे में अलर्ट जारी किया है. वैज्ञानिक इन एस्टेरॉयड्स की गतिविधियों को ट्रैक कर रहे हैं ताकि किसी प्रकार का अप्रत्याशित खतरा न हो.
क्या ये एस्टेरॉयड पृथ्वी से टकराएंगे?
इन तीनों एस्टेरॉयड्स को 'नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट्स' (NEOs) की श्रेणी में रखा गया है, यानी ये एस्टेरॉयड पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरते हैं. हालांकि, वैज्ञानिकों का कहना है कि इन एस्टेरॉयड्स के पृथ्वी से टकराने का कोई खतरा नहीं है. इनकी कक्षाएं पृथ्वी से इतनी दूर हैं कि ये सीधे तौर पर पृथ्वी से टकराएंगे नहीं.
इन एस्टेरॉयड्स में 2025 XT4, 2025 XV1 और 2010 WR7 शामिल हैं. इन तीनों एस्टेरॉयड्स की कक्षाएं पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरने वाली हैं. विशेष रूप से 20 दिसंबर को ये एस्टेरॉयड पृथ्वी के पास से गुजरेंगे, और वैज्ञानिक इन पर लगातार निगाह बनाए हुए हैं.
इन एस्टेरॉयड्स का आकार और प्रभाव
इन एस्टेरॉयड्स का आकार लगभग 29 फीट से लेकर 220 फीट तक है, जो कि एक बस से लेकर एक छोटे विमान के आकार के बराबर हो सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ये एस्टेरॉयड पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते भी हैं, तो वे जलकर समाप्त हो सकते हैं या उनका असर बहुत सीमित क्षेत्र तक ही हो सकता है. इनका पृथ्वी पर कोई गंभीर असर नहीं पड़ेगा.
कितनी दूरी से गुजरेंगे ये एस्टेरॉयड्स?
ये एस्टेरॉयड पृथ्वी से अलग-अलग दूरी से गुजरेंगे. 2025 XT4 पृथ्वी से लगभग 25 लाख किलोमीटर दूर से गुजरेगा. 2025 XV1 पृथ्वी से 64 लाख किलोमीटर की दूरी से गुजरने वाला है. 2010 WR7 पृथ्वी से 74 लाख किलोमीटर की दूरी से गुजरेगा. हालांकि, इन सभी दूरीयों को देखकर हमें लगता है कि ये काफी दूर हैं, लेकिन ब्रह्मांडीय दृष्टिकोण से यह दूरी बहुत कम मानी जाती है.
वैज्ञानिकों की पैनी निगाह
इन एस्टेरॉयड्स पर वैज्ञानिकों की निगाहें टिकी हुई हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि इनकी ट्रैकिंग बेहद सटीक तरीके से की जा रही है, और इनकी कक्षाओं के बारे में अनिश्चितता बहुत कम है — लगभग एक मिनट से भी कम. यह उन्नत ट्रैकिंग तकनीक की सटीकता को दर्शाता है.
क्या हमें डरने की जरूरत है?
यह जानकर शायद आपको थोड़ी राहत मिले कि पृथ्वी के पास से अक्सर एस्टेरॉयड गुजरते रहते हैं, और अधिकतर मामलों में इनसे किसी प्रकार का खतरा नहीं होता. अधिकांश एस्टेरॉयड पृथ्वी से इस तरह गुजरते हैं कि हमें इनकी भनक भी नहीं लगती. इसलिए, इन तीन एस्टेरॉयड्स से डरने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि वैज्ञानिक लगातार इन पर नजर बनाए हुए हैं.
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