National Youth Day 2026: हर साल 12 जनवरी को देश स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाता है. स्वामी विवेकानंद का स्पष्ट मानना था कि किसी भी राष्ट्र की असली शक्ति उसके युवा होते हैं, क्योंकि वही देश की सोच, दिशा और भविष्य तय करते हैं. ऐसे में यह जानना दिलचस्प हो जाता है कि आज की दुनिया में सबसे ज्यादा युवा कहां हैं और किन देशों में आबादी तेजी से बूढ़ी हो रही है.
अगर युवा आबादी के अनुपात की बात करें, तो अफ्रीकी देश नाइजर इस सूची में सबसे आगे है. यहां की करीब 56.9 प्रतिशत आबादी 18 वर्ष से कम उम्र की है, जो इसे दुनिया का सबसे युवा देश बनाती है. इतनी बड़ी युवा हिस्सेदारी इस बात का संकेत है कि आने वाले वर्षों में नाइजर की सामाजिक और आर्थिक संरचना पूरी तरह युवाओं पर निर्भर रहेगी. नाइजर के बाद युगांडा, चाड, अंगोला और माली जैसे देश आते हैं, जहां 54 से 55 प्रतिशत तक आबादी 18 साल से कम उम्र की है. यह आंकड़े साफ बताते हैं कि अफ्रीका महाद्वीप आज दुनिया का सबसे युवा क्षेत्र बन चुका है, जहां जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है और औसत उम्र काफी कम है.
जहां युवा कम, बुजुर्ग ज्यादा
इसके ठीक उलट तस्वीर यूरोप और कुछ विकसित देशों में देखने को मिलती है. मोनाको औसत आयु के मामले में दुनिया का सबसे बुजुर्ग देश माना जाता है, जहां औसत उम्र करीब 57.5 साल है. यहां युवाओं की संख्या कम होने के पीछे कम जन्म दर और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण लंबी जीवन प्रत्याशा को बड़ी वजह माना जाता है.जापान भी दुनिया के सबसे बूढ़े समाजों में शामिल है, जहां 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोग कुल आबादी का 28 प्रतिशत से ज्यादा हैं. इटली और पुर्तगाल जैसे यूरोपीय देशों में भी यही स्थिति है, जहां हर चौथा नागरिक बुजुर्ग श्रेणी में आता है. इन देशों के सामने सबसे बड़ी चुनौती घटती युवा आबादी और बढ़ता एजिंग पॉपुलेशन है.
संख्या में भारत सबसे आगे
हालांकि प्रतिशत के आधार पर भारत दुनिया का सबसे युवा देश नहीं है, लेकिन संख्या के लिहाज से भारत के पास सबसे बड़ी युवा आबादी है. देश में करीब 35.6 करोड़ लोग 10 से 24 वर्ष की आयु वर्ग में आते हैं. यही वजह है कि भारत को अक्सर “युवा राष्ट्र” कहा जाता है.भारत की औसत आयु 28 से 29 साल के बीच है, जो चीन और जापान जैसे देशों की तुलना में काफी कम है. यह भारत के लिए एक बड़ा डेमोग्राफिक फायदा माना जाता है, जो सही नीतियों और अवसरों के साथ आर्थिक विकास की रफ्तार बढ़ा सकता है.
चुनौती और अवसर दोनों है युवा शक्ति
इतनी बड़ी युवा आबादी होने के बावजूद भारत ग्लोबल यूथ डेवलपमेंट इंडेक्स में 181 देशों में 122वें स्थान पर है. इसका मतलब यह है कि शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और कौशल विकास के क्षेत्र में अभी लंबा सफर तय करना बाकी है. राष्ट्रीय युवा दिवस हमें यही याद दिलाता है कि युवा केवल संख्या नहीं, बल्कि राष्ट्र की सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी हैं. अगर उन्हें सही दिशा, अवसर और मंच मिले, तो वही युवा देश को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं—जैसा स्वामी विवेकानंद ने दशकों पहले देखा था.
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