"नाजी आतंकवाद सिर्फ हथियारों की भाषा समझता है", अब हमास पर क्यों भड़के इजरायली मंत्री बेन ग्वीर?

Israel Hamas War: इजरायली सेना (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने हाल ही में एक स्पष्ट और भावनात्मक बयान देते हुए कहा है कि जब तक हर एक बंधक को वापस नहीं लाया जाता, इजरायली सेना चैन से नहीं बैठेगी.

Nazi terrorism understands language weapons Israeli Minister Ben Gvir lashed out Hamas
Image Source: Social Media/X

Israel Hamas War: इजरायली सेना (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने हाल ही में एक स्पष्ट और भावनात्मक बयान देते हुए कहा है कि जब तक हर एक बंधक को वापस नहीं लाया जाता, इजरायली सेना चैन से नहीं बैठेगी. यह बयान ऐसे समय पर आया है जब हमास द्वारा कुछ मृत बंधकों के शव लौटाए गए हैं, जिनमें से एक शव गलत निकला, जिससे पूरे इजरायल में आक्रोश और अविश्वास की लहर दौड़ गई है.

लेफ्टिनेंट जनरल जमीर ने कहा, "बंधकों को वापस लाना हमारा नैतिक, राष्ट्रीय और यहूदी कर्तव्य है. हम सभी बंधकों को वापस लाए बिना चैन से नहीं बैठेंगे. यह हमारा नैतिक, राष्ट्रीय और यहूदी कर्तव्य है.” सेना के शीर्ष अधिकारी के इस बयान से यह साफ हो गया है कि बंधकों की वापसी इजरायल के लिए सिर्फ एक सामरिक प्राथमिकता नहीं, बल्कि एक भावनात्मक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी है.

अब भी 21 मृत बंधकों के शव हमास के कब्जे में

हमास की ओर से पिछले कुछ दिनों में केवल सात शव लौटाए गए हैं, जबकि उसके पास अभी भी कम से कम 21 मृत बंधकों के शव हैं. इससे पहले सोमवार को हमास ने 20 जीवित बंधकों को रिहा किया था, जिसे एक मानवीय पहल के तौर पर देखा गया. लेकिन जैसे-जैसे मृतकों के शव लौटने लगे, उनके साथ जुड़ी असलियत ने हालात को और तनावपूर्ण बना दिया.

गलत शव लौटाकर फिर धोखे पर उतरा हमास?

बुधवार को जब हमास ने चार मृत बंधकों के शव लौटाए, तो इजरायली मीडिया ने बड़ा दावा किया, उन चार शवों में से एक इजरायली बंधक का था ही नहीं. जांच में पता चला कि वह शव गाजा पट्टी के एक स्थानीय फिलिस्तीनी नागरिक का है.

हिब्रू मीडिया को एक इजरायली अधिकारी ने बताया, “हमास ने जो शव लौटाया है, वह किसी इजरायली बंधक का नहीं बल्कि एक फिलिस्तीनी व्यक्ति का है.” इस खुलासे ने उन परिवारों की पीड़ा को और बढ़ा दिया, जो अपनों की अंतिम विदाई के लिए इंतज़ार कर रहे थे.

इजरायली मंत्री इतमार बेन ग्वीर का तीखा बयान

इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल को भी गर्मा दिया है. इजरायल के धुर-दक्षिणपंथी मंत्री इतमार बेन ग्वीर ने X (पूर्व ट्विटर) पर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए लिखा, “बेइज्जती अब काफी हो गई. सैकड़ों ट्रकों के लिए रास्ता खोलने के कुछ ही पलों बाद, हमास जल्दी ही अपनी जानी-पहचानी चालें, झूठ, धोखा और परिवारों तथा शवों के साथ धोखे पर वापस आ गया. नाजी आतंकवाद सिर्फ हथियारों की भाषा समझता है. इससे निपटने का एकमात्र तरीका इसे धरती से मिटा देना है.”

बेन ग्वीर का यह बयान इजरायल की आक्रामक रणनीति और जनाक्रोश को दर्शाता है. सोशल मीडिया पर भी इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं.

पहले भी कर चुका है हमास ‘शवों’ को लेकर धोखा

यह पहली बार नहीं है जब हमास ने गलत शव सौंपा हो. साल की शुरुआत में हमास ने दावा किया था कि उसने मृत बंधक शिरी बीबस का शव इजरायल को सौंपा है. लेकिन इजरायल की फॉरेंसिक जांच में सामने आया कि शव गाजा के एक अन्य व्यक्ति का था.

इजरायली सेना और मीडिया द्वारा इस गलती को उजागर किए जाने के बाद, हमास ने असली शव बाद में सौंपा था. इस घटना के दोहराव से यह सवाल उठता है कि क्या हमास जानबूझकर इस तरह का “मानवता का अपमान” कर रहा है या यह उसकी विफलता है?

राजनीतिक और सैन्य दबाव बढ़ता जा रहा है

इजरायली नेतृत्व अब लगातार इस पर विचार कर रहा है कि शवों की वापसी और जीवित बंधकों की रिहाई के लिए कौन-से विकल्प खुले हैं. सैन्य कार्रवाई, कूटनीतिक दबाव और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता तीनों पर काम चल रहा है.

सेना प्रमुख ने अपने बयान में स्पष्ट कर दिया कि समझौतों को लागू करने के लिए वह राजनीतिक नेतृत्व के साथ खड़े हैं, लेकिन “हर अंतिम बंधक की वापसी तक हम नहीं रुकेंगे.”

मानवीय संकट की पृष्ठभूमि में भावनात्मक उबाल

बंधकों की वापसी को लेकर पूरे इजरायल में भावनात्मक माहौल है. उन परिवारों के लिए, जिनके बच्चे, पत्नियाँ, पति या माता-पिता बंधक थे, हर दिन एक इंतज़ार की पीड़ा है. जब गलत शव लौटाया जाता है, तो सिर्फ सरकार या सेना नहीं, बल्कि वह माँ टूटती है जिसने अपने बेटे की वापसी की उम्मीद में दिन-रात गिने थे.

यह भी पढ़ें- गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री रवि नाइक का 79 वर्ष की उम्र में निधन, PM मोदी बोले- राज्य के विकास में उनकी अहम भूमिका