नेपाल में अब 16 साल की उम्र में भी मिलेगा वोट देने का अधिकार, PM सुशीला कार्की ने किया बड़ा ऐलान

Sushila Karki Announcement: नेपाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ आया है. देश की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने सोमवार को राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में कुछ ऐसे फैसलों की घोषणा की, जिन्होंने देश के युवाओं में एक नई ऊर्जा भर दी है. 

Nepal even 16-year-olds will right to vote PM Sushila Karki made a major announcement
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Sushila Karki Announcement: नेपाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ आया है. देश की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने सोमवार को राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में कुछ ऐसे फैसलों की घोषणा की, जिन्होंने देश के युवाओं में एक नई ऊर्जा भर दी है. 

इस दौरान उन्होंने यह साफ किया कि देश में आगामी आम चुनाव समय पर कराए जाएंगे, और युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने के लिए मतदान की न्यूनतम उम्र 18 से घटाकर 16 साल कर दी गई है. इस निर्णय को Gen-Z आंदोलन की बड़ी जीत के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें हजारों युवाओं ने हाल के हफ्तों में नेपाल में मतदान अधिकारों को लेकर प्रदर्शन किया था.

क्या बदला है? जानिए प्रमुख घोषणाएं

प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने अपने संबोधन में जिन अहम बिंदुओं पर बात की, वो इस प्रकार हैं:

चुनाव समय पर होंगे

सरकार ने स्पष्ट किया कि देश की राजनीतिक स्थिरता के लिए आगामी आम चुनाव तय समय पर होंगे. इसके लिए चुनाव आयोग से मिलकर जनशक्ति, बजट, कानून, सुरक्षा और सामग्री से जुड़ी योजनाएं तैयार की गई हैं.

वोटिंग की उम्र 16 साल

नेपाल के निर्वाचन आयोग ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि अब 16 साल और उससे अधिक उम्र के नेपाली नागरिक मतदाता पंजीकरण करा सकते हैं और आगामी चुनावों में वोट डाल सकेंगे. यह निर्णय देश के भविष्य को तय करने में युवाओं की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करेगा.

प्रवासी नेपाली नागरिकों को भी मिलेगा वोट का अधिकार

सुशीला कार्की ने बताया कि सरकार नेपाल के बाहर रह रहे नागरिकों को भी मतदान का अधिकार देने के लिए कानून में संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है. जल्द ही प्रवासी नेपाली भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बन सकेंगे.

क्यों आया ये फैसला? Gen-Z आंदोलन का असर

पिछले कुछ समय से नेपाल में युवा वर्ग (Gen-Z) ने राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी भागीदारी के लिए आवाज बुलंद की थी. खासतौर पर, युवा प्रदर्शनकारियों की यह मांग थी कि:

वोटिंग की उम्र घटाई जाए

राजनीतिक पारदर्शिता लाई जाए

भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो

सुशीला कार्की ने अपने संबोधन में स्वीकार किया कि इन आंदोलनों ने सरकार को नीतिगत बदलाव करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी जितनी ज्यादा होगी, देश उतना ही प्रगतिशील होगा.

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि Gen-Z आंदोलन के दौरान राजनीतिक नेताओं के घरों में मिले बेहिसाब पैसे की जांच अब मनी लॉन्ड्रिंग डिपार्टमेंट द्वारा की जाएगी. सरकार ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का संकल्प दोहराया.

पंजीकरण प्रक्रिया कैसे करें?

नेपाल निर्वाचन आयोग के अनुसार, 16 साल या उससे अधिक उम्र के युवक-युवतियां अब स्थानीय निर्वाचन कार्यालय में जाकर पंजीकरण करा सकते हैं.

समय: सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक

आवश्यक दस्तावेज: नेपाली नागरिकता प्रमाण

प्रधानमंत्री की अपील

प्रधानमंत्री कार्की ने देशवासियों से अपील की कि वे आगामी प्रतिनिधि सभा चुनावों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और ऐसे प्रतिनिधियों को चुनें जो युवाओं की आकांक्षाओं और देश की नई दिशा का प्रतिनिधित्व कर सकें.

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