खून-खून हुआ नेपाल! होटल, बैंकों तक में लूट; उपद्रवियों को सेना की सख्त चेतावनी

नेपाल इन दिनों भीषण राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल से गुजर रहा है. एक ओर सरकार की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगाए गए प्रतिबंध ने युवाओं में गुस्से की आग भड़काई, तो दूसरी ओर लंबे समय से दबा हुआ भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर जनता का असंतोष अब सड़कों पर फूट पड़ा है.

Nepal Unrest Gen Z protest hotels banks set fire by protestors
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नेपाल इन दिनों भीषण राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल से गुजर रहा है. एक ओर सरकार की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगाए गए प्रतिबंध ने युवाओं में गुस्से की आग भड़काई, तो दूसरी ओर लंबे समय से दबा हुआ भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर जनता का असंतोष अब सड़कों पर फूट पड़ा है. राजधानी काठमांडू समेत देश के विभिन्न हिस्सों में हिंसा की लपटें तेज हो गई हैं. खासतौर पर युवा वर्ग, खासकर Gen-Z, इस विरोध का नेतृत्व कर रहा है.

सरकार द्वारा सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के फैसले ने युवाओं के बीच भारी नाराजगी फैलाई. 8 सितंबर को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया, जिसमें लाखों युवाओं ने हिस्सा लिया. इस जनसैलाब ने धीरे-धीरे उग्र रूप ले लिया. हालात काबू से बाहर होते देख सरकार ने सोशल मीडिया बैन वापस ले लिया और प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली समेत कई मंत्रियों ने अपने पदों से इस्तीफा भी दे दिया, लेकिन तब तक प्रदर्शन एक जन-आंदोलन में तब्दील हो चुका था.

हिंसा चरम पर, संसद और मंदिर तक नहीं बचे

प्रदर्शनकारियों ने सरकार की संपत्तियों और प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया. संसद भवन में आग लगा दी गई, जिसे बाद में काबू किया गया, लेकिन अब भी दीवारों से धुएं के गुबार उठ रहे हैं. प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर तक को क्षति पहुंचाई गई है. कई बैंकों में लूटपाट हुई, सरकारी दफ्तरों और नेताओं के घरों में आगजनी की गई. काठमांडू के कई लग्जरी होटल और मीडिया हाउस कांतिपुर टीवी को भी प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया.

सेना ने संभाला मोर्चा, कर्फ्यू लागू, बातचीत की पहल

काठमांडू में हालात को नियंत्रित करने के लिए अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया है. सेना ने पूरे शहर में निगरानी बढ़ा दी है और उपद्रवियों को चेतावनी दी है कि अब और हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसी के साथ सेना ने राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल से आग्रह किया है कि Gen-Z प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों के नाम बताए जाएं ताकि बातचीत का रास्ता निकाला जा सके.

गिरफ्तारियां शुरू, लूटपाट करने वालों पर एक्शन

नेपाली सेना ने बीती रात काठमांडू और भक्तपुर जिलों में अभियान चलाकर 21 लोगों को गिरफ्तार किया, जो लूटपाट में शामिल थे. इनमें से कई होटल, सुपरमार्केट और अन्य प्रतिष्ठानों से सामान चुराते हुए पकड़े गए. सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल मिलकर हालात को काबू में लाने की कोशिश कर रहे हैं.

भारत-नेपाल सीमा पर सतर्कता, भारतीयों की वापसी जारी

नेपाल में बिगड़ते हालात का असर भारत-नेपाल सीमा पर भी देखा जा रहा है. उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया है. भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया जारी है. सुरक्षा बलों की नेपाल पुलिस से समन्वय के जरिए चिकित्सा और राहत कार्य भी किए जा रहे हैं.

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