लेबनान पर कहर बनकर बरसे नेतन्याहू! हिजबुल्ला ठिकानों पर किया हमला; हूति विद्रोही भी बदला लेने को तैयार

मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच यमन की राजधानी सना में गुरुवार को हुए एक भीषण हमले ने क्षेत्रीय राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है. इस हमले में हूती सरकार के प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी समेत कई शीर्ष नेता मारे गए.

Netanyahu attacked on lebanon hezbollah sites houthi is ready to take revenge
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मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच यमन की राजधानी सना में गुरुवार को हुए एक भीषण हमले ने क्षेत्रीय राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है. इस हमले में हूती सरकार के प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी समेत कई शीर्ष नेता मारे गए. उनकी मौत को हूती आंदोलन के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है.

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सना में हमले के वक्त एक सरकारी वर्कशॉप चल रही थी, जिसमें बीते साल के प्रशासनिक कामकाज की समीक्षा हो रही थी. इसी दौरान मिसाइल हमले ने पूरे इलाके को दहला दिया. हूती नेता महदी अल-मशात ने टीवी पर भावुक होकर अपने बयान में कहा हम अपने शहीदों के खून के एक-एक कतरे का हिसाब लेंगे. यह जख्म, हमारी अगली जीत की नींव बनेगा.

हूती रक्षा मंत्री का बयान

हूती रक्षा मंत्री जनरल मोहम्मद नासिर अल-अतीफी ने घटना के तुरंत बाद बयान जारी करते हुए कहा कि उनका संगठन अब हर स्तर पर मुकाबले के लिए तैयार है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह हमला हूती आंदोलन को दबाने की एक बाहरी साजिश का हिस्सा है, जिसका जवाब बेहद कड़ा होगा.

इज़रायल की स्वीकृति और चेतावनी

हमले की जिम्मेदारी लेते हुए इज़रायल के रक्षा मंत्री इस्राइल कैट्ज ने इस कार्रवाई को हूती नेतृत्व के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा वार बताया. उन्होंने कहा हमने पहले ही चेतावनी दी थी और अब हमने अपना वादा पूरा किया है. ये सिर्फ शुरुआत है. यह बयान साफ संकेत है कि इज़रायल अब केवल बचाव में नहीं, बल्कि आक्रामक रणनीति के तहत ईरान समर्थित संगठनों को एक-एक कर निशाना बना रहा है.

बदले की चेतावनी

हमले के बाद हूती विद्रोहियों ने सार्वजनिक मंच से यह ऐलान किया कि अब वे चुप नहीं बैठेंगे. हूती प्रवक्ता ने कहा अब सिर्फ जवाब नहीं, बदला लिया जाएगा. हमने जो खोया है, उसका हिसाब बराबर किया जाएगा.

पिछली कार्रवाइयों की कड़ी में एक और हमला

गौरतलब है कि गाजा युद्ध की शुरुआत के बाद से इज़रायल ने ईरान के करीबी संगठनों को लगातार टारगेट किया है. तेहरान में हमास लीडर इस्माइल हनिया पर दबाव, बेरूत में हिज़्बुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह पर निशाना, गाजा में याह्या सिनवार को घेरे में लेना और अब यमन में हूती नेतृत्व पर प्रत्यक्ष हमला

क्षेत्रीय असर और आगे की राह

यह हमला केवल यमन या इज़रायल की बात नहीं है, बल्कि यह मध्य-पूर्व की भू-राजनीति में एक बड़े बदलाव की शुरुआत मानी जा रही है. आने वाले दिनों में इसका असर लाल सागर से लेकर गाजा और लेबनान तक दिखाई दे सकता है.

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