Delhi Cabinet Decisions: राजधानी दिल्ली के लोगों के लिए आने वाला समय राहत भरा हो सकता है. रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ट्रैफिक जाम से जूझ रहे नागरिकों को अब लंबे इंतज़ार के बाद बड़ी सौगात मिलने जा रही है. दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) ने राजधानी की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है. इन योजनाओं का मकसद सिर्फ नई सड़कों और फ्लाईओवरों का निर्माण नहीं है, बल्कि पुराने और कमजोर ढांचों को आधुनिक तकनीक से मजबूत बनाना भी है.
PWD मंत्री प्रवेश वर्मा के अनुसार, इन परियोजनाओं को दिल्ली की भविष्य की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, ताकि बढ़ते ट्रैफिक दबाव को लंबे समय तक संभाला जा सके. पश्चिमी और दक्षिणी दिल्ली के कई इलाकों में इन योजनाओं से ट्रैफिक का स्वरूप बदलने की उम्मीद है.
जनकपुरी में नया फ्लाईओवर, पंखा रोड को मिलेगी राहत
पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में पंखा रोड पर ट्रैफिक का दबाव लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है. इसे देखते हुए यहां एक नए फ्लाईओवर के निर्माण की योजना तैयार की गई है. यह प्रस्तावित फ्लाईओवर देसू कॉलोनी से शुरू होकर जनकपुरी के डी-ब्लॉक तक जाएगा.
लोक निर्माण विभाग ने इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और फिजिबिलिटी स्टडी को मंजूरी दे दी है. अध्ययन के दौरान सड़क की मौजूदा चौड़ाई, आसपास की बस्तियों और भविष्य में बढ़ने वाले ट्रैफिक को ध्यान में रखा जाएगा. इस फ्लाईओवर के बन जाने के बाद पंखा रोड पर लगने वाले घंटों लंबे जाम से हजारों वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है.
दक्षिण दिल्ली में 1471 करोड़ की एलिवेटेड रोड परियोजना
दक्षिण दिल्ली के लिए एक बड़ी और महत्वाकांक्षी परियोजना को भी हरी झंडी मिल चुकी है. साकेत के जी-ब्लॉक से लेकर पुल प्रह्लादपुर तक करीब 5 किलोमीटर लंबी 6-लेन एलिवेटेड रोड बनाई जाएगी. इस मेगा प्रोजेक्ट पर लगभग 1471 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसे दिल्ली सरकार की फाइनेंस कमिटी ने मंजूरी दे दी है.
इस एलिवेटेड रोड का उद्देश्य दक्षिण दिल्ली के इस व्यस्त कॉरिडोर पर ट्रैफिक के भारी दबाव को कम करना है. सड़क को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि वाहन बिना रुकावट के तेज़ी से सफर कर सकें. सरकार का लक्ष्य है कि इस परियोजना को दिसंबर 2027 तक पूरा कर लिया जाए. इसके पूरा होने के बाद साकेत, मालवीय नगर और आसपास के इलाकों में आवागमन काफी आसान हो जाएगा.
पुराने फ्लाईओवरों को मिलेगा नया जीवन
दिल्ली सरकार केवल नई सड़कें और फ्लाईओवर बनाने पर ही ध्यान नहीं दे रही है, बल्कि शहर के पुराने और जर्जर हो चुके ढांचों को भी मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रही है. इसी कड़ी में जखीरा और सीलमपुर फ्लाईओवरों के लिए बड़े पैमाने पर मरम्मत और मजबूतीकरण का बजट मंजूर किया गया है.
जखीरा फ्लाईओवर की व्यापक मरम्मत के लिए 20.18 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. यहां जलभराव और भारी ट्रैफिक के चलते संरचनात्मक समस्याएं सामने आ रही थीं. मरम्मत के दौरान कंक्रीट रिपेयर के साथ-साथ कार्बन फाइबर रैपिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे फ्लाईओवर की मजबूती और उम्र दोनों बढ़ेंगी.
सीलमपुर फ्लाईओवर के लिए भी 17.85 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है. यहां लोड-बेयरिंग क्षमता बढ़ाने के लिए CFRP यानी कार्बन फाइबर रिइनफोर्स्ड पॉलिमर तकनीक अपनाई जाएगी. इन वैज्ञानिक तरीकों से पुराने फ्लाईओवरों को कई दशकों तक सुरक्षित और उपयोगी बनाया जा सकेगा.
दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सरकार का विजन
PWD मंत्री प्रवेश वर्मा का कहना है कि दिल्ली की सड़कें केवल चौड़ी ही नहीं, बल्कि सुरक्षित और टिकाऊ भी होनी चाहिए. सरकार का फोकस इस बात पर है कि कमजोर और पुरानी संरचनाओं को आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक से मजबूत बनाया जाए. सभी परियोजनाओं को सख्त समयसीमा और जवाबदेही के साथ लागू किया जा रहा है.
नई सड़कों और एलिवेटेड कॉरिडोर के साथ-साथ पुराने फ्लाईओवरों की मरम्मत से दिल्ली की यातायात व्यवस्था को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है. इन पहलों से राजधानी की सड़कों को नई मजबूती मिलेगी और आम लोगों को ट्रैफिक जाम के रोज़ाना के संघर्ष से काफी हद तक राहत मिल सकेगी.
ये भी पढ़ें- ना ही एक्टर-एक्ट्रेस का नाम और ना कोई डायरेक्टर... इस फिल्म के पोस्टर ने सबको चौंकाया, जानें कब होगी रिलीज