BJP Chief: भारतीय जनता पार्टी को लंबे समय से चल रहे इंतजार के बाद आखिरकार नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल गया है. मंगलवार को औपचारिक रूप से यह घोषणा कर दी गई कि नितिन नबीन अब भाजपा की कमान संभालेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में उनके नाम पर मुहर लगी. इससे एक दिन पहले ही नितिन नबीन को निर्विरोध पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया था.
नितिन नबीन ने इस पद पर जेपी नड्डा की जगह ली है, जो वर्ष 2020 से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे. नबीन पार्टी के इतिहास में इस पद पर पहुंचने वाले सबसे युवा नेताओं में शामिल हो गए हैं, जिसे संगठन में पीढ़ीगत बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
निर्विरोध चुनाव, एकमात्र उम्मीदवार थे नितिन नबीन
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नितिन नबीन ही एकमात्र उम्मीदवार थे. पार्टी के निर्वाचन अधिकारी के. लक्ष्मण ने इसकी आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि अध्यक्ष पद के लिए केवल एक ही नामांकन दाखिल किया गया था, जो नितिन नबीन का था.
उनके समर्थन में कुल 37 नामांकन पत्रों के सेट जमा किए गए, जिन्हें जांच के बाद वैध पाया गया. इनमें से 36 सेट देशभर की भाजपा की प्रदेश इकाइयों की ओर से दाखिल किए गए थे, जबकि एक सेट भाजपा संसदीय दल की तरफ से प्रस्तुत किया गया था.
पीएम मोदी समेत शीर्ष नेताओं का समर्थन
नितिन नबीन के नामांकन प्रस्तावकों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी जैसे दिग्गज नेता शामिल थे. पार्टी नेतृत्व का एकजुट समर्थन यह दर्शाता है कि संगठन ने नबीन पर पूरी तरह भरोसा जताया है.
BJP और नितिन नबीन का अनोखा संयोग
एक दिलचस्प तथ्य यह भी है कि भारतीय जनता पार्टी की स्थापना वर्ष 1980 में हुई थी और इसी वर्ष नितिन नबीन का जन्म भी हुआ. राजनीतिक विश्लेषक इसे पार्टी और नबीन के बीच एक प्रतीकात्मक संयोग के रूप में देख रहे हैं.
नितिन नबीन एक राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से आते हैं. उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भाजपा के वरिष्ठ नेता थे और वे बिहार विधानसभा के चार बार विधायक रह चुके थे.
पिता के नक्शेकदम पर राजनीति में कदम
अपने पिता के निधन के बाद नितिन नबीन ने वर्ष 2006 में सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया. उन्होंने पटना पश्चिम विधानसभा सीट से उपचुनाव जीतकर पहली बार विधायक बनने का गौरव हासिल किया. यह वही सीट थी, जहां से उनके पिता भी चुनाव जीतते रहे थे.
इसके बाद परिसीमन के बाद बनी बांकीपुर विधानसभा सीट से उन्होंने लगातार चुनाव लड़े और जीत दर्ज की. नितिन नबीन ने 2010, 2015, 2020 और 2025 के विधानसभा चुनावों में इस सीट से लगातार जीत हासिल कर पांच बार विधायक बनने का रिकॉर्ड बनाया.
मंत्री पद और संगठन में भूमिका
अपने राजनीतिक करियर के दौरान नितिन नबीन बिहार सरकार में कानून एवं न्याय मंत्री के साथ-साथ शहरी विकास और आवास मंत्री भी रह चुके हैं. प्रशासनिक अनुभव और संगठनात्मक समझ के चलते उन्हें पार्टी के भीतर एक मजबूत नेता के रूप में देखा जाता है.
दिसंबर में ही उन्हें भाजपा का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, जिसे उनके पूर्ण अध्यक्ष बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया.
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