अगर नहीं रोका युद्ध तो कोई हमारे पास कोई विकल्प नहीं, हमास को फिर अमेरिकी राष्ट्रपति ने दी धमकी

गाज़ा पट्टी में इज़रायल और हमास के बीच चल रहे लंबे संघर्ष के बीच हाल ही में युद्धविराम लागू किया गया है. अमेरिका की सक्रिय मध्यस्थता के बाद स्थिति में थोड़ी राहत तो ज़रूर आई है, लेकिन ज़मीन पर हालात अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हैं.

No choice to kill them trump warns to hamas over gaza clash
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गाज़ा पट्टी में इज़रायल और हमास के बीच चल रहे लंबे संघर्ष के बीच हाल ही में युद्धविराम लागू किया गया है. अमेरिका की सक्रिय मध्यस्थता के बाद स्थिति में थोड़ी राहत तो ज़रूर आई है, लेकिन ज़मीन पर हालात अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हैं. इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाज़ा में जारी हिंसा को लेकर हमास को एक बार फिर सख्त चेतावनी दी है.

राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ किया है कि अगर गाज़ा में हिंसा का सिलसिला नहीं थमता, तो अमेरिका मूकदर्शक नहीं बना रहेगा. उन्होंने कहा कि अगर खूनखराबा नहीं रुका, तो हमारे पास उनके लड़ाकों को मार गिराने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा. यह बयान ऐसे समय में आया है जब गाज़ा में सार्वजनिक रूप से हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि शांति समझौता कितनी दूर तक टिक पाएगा.

हथियार डालो, वरना अमेरिका करेगा हस्तक्षेप

इससे पहले भी ट्रंप ने हमास को अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि उन्हें हथियार छोड़ने होंगे. ट्रंप ने ये भी स्पष्ट किया कि अगर हमास हथियारबंदी के लिए तैयार नहीं हुआ, तो अमेरिका बलपूर्वक उन्हें निरस्त्र करने के लिए आगे बढ़ेगा. उन्होंने बताया कि यह संदेश हमास तक मध्यस्थों के ज़रिए पहुंचा दिया गया है और अब इंतज़ार सिर्फ उनकी प्रतिक्रिया का है.

गाज़ा समझौता: अस्थायी समाधान, स्थायी हल बाकी

इज़रायल और हमास के बीच हुए हालिया युद्धविराम को अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने राहत की सांस के रूप में देखा है, लेकिन जानकारों के मुताबिक यह महज एक अस्थायी समाधान है. दरअसल, हमास का निरस्त्रीकरण, गाज़ा का प्रशासनिक नियंत्रण और फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र का दर्जा—ये ऐसे मुद्दे हैं जो अब भी विवाद की जड़ में हैं और फिलहाल किसी ठोस समाधान की दिशा में कोई निर्णायक पहल नहीं हो पाई है. 20 बिंदुओं पर आधारित दीर्घकालिक शांति योजना में हमास को हथियार छोड़ना एक अहम शर्त है. अगर यह शर्त पूरी नहीं होती, तो भविष्य में फिर से संघर्ष के हालात बन सकते हैं.

जंग की पृष्ठभूमि: कहां से शुरू हुआ सब कुछ?

इस भीषण संघर्ष की शुरुआत 7 अक्टूबर 2023 को हुई थी, जब हमास के लड़ाकों ने इज़रायल पर बड़ा हमला किया.इस हमले में 1,200 लोगों की मौत हुई और 251 नागरिकों को बंधक बना लिया गया था. इसके बाद इज़रायल ने पलटवार करते हुए गाज़ा पर ज़ोरदार हमला शुरू किया, जिसमें अब तक 67,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं. फिलहाल, युद्धविराम लागू है, लेकिन यह कब तक कायम रह सकेगा, इसका अंदाज़ा लगाना फिलहाल मुश्किल है.

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