नोबेल नहीं मिला तो क्या, इजरायल ने ट्रंप को दिया 'गोल्डन पीस पिजन'; नेसेट में हुआ शानदार स्वागत

Trump On Israel Visit: इजरायल में गाजा युद्धविराम के बीच बंधकों की रिहाई के सफल प्रयासों के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता और कद काफी बढ़ गया है. हाल ही में ट्रंप ने इजरायली संसद, जिसे 'नेसेट' कहा जाता है, का दौरा किया, जहां उन्हें सांसदों ने बेहद गरिमामय और भव्य तरीके से स्वागत किया.

Nobel Prize Israel presented Trump with the Golden Peace Pigeon grand welcome at Knesset
Image Source: Social Media/X

Trump On Israel Visit: इजरायल में गाजा युद्धविराम के बीच बंधकों की रिहाई के सफल प्रयासों के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता और कद काफी बढ़ गया है. हाल ही में ट्रंप ने इजरायली संसद, जिसे 'नेसेट' कहा जाता है, का दौरा किया, जहां उन्हें सांसदों ने बेहद गरिमामय और भव्य तरीके से स्वागत किया. इस अवसर पर ट्रंप को सांसदों ने ढाई मिनट का स्टैंडिंग ओवेशन दिया, जो उनकी वैश्विक कूटनीति में प्रभावशाली भूमिका का प्रतीक माना जा रहा है.

जब ट्रंप संसद के सत्र में संबोधन के लिए मंच पर आए, तो नेसेट गार्ड ने तुरही बजाना शुरू कर दिया. इसके बाद सभी सांसद खड़े हो गए और लंबे समय तक जोरदार तालियां बजाईं. इस आयोजन में ट्रंप के साथ मौजूद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए भी विशेष प्रशंसा व्यक्त की गई. सांसदों ने नेतन्याहू के उपनाम 'बीबी' का जयकारा लगाते हुए उनके समर्थन में भी जबरदस्त तालियां बजाईं. यह दृश्य दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों और सहयोग का जीवंत उदाहरण था.

अमेरिकी मंत्रियों को भी मिला संसद में सम्मान

डोनाल्ड ट्रंप के संबोधन से पहले, नेसेट के स्पीकर अमीर ओहाना ने एक लंबा परिचय प्रस्तुत किया. उन्होंने गाजा युद्धविराम में अहम भूमिका निभाने वाले ट्रंप के प्रमुख सहयोगियों का नाम लेकर उनकी उपलब्धियों का जिक्र किया. इनमें ट्रंप के सलाहकार जेयर्ड कुशनर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, अमेरिका के राजदूत माइक हकाबी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को सम्मिलित किया गया. सभी का सम्मान करते हुए सांसदों ने खड़े होकर तालियां बजाईं, जो अमेरिका और इजरायल के बीच के करीबी रणनीतिक संबंधों को दर्शाता है.

नेतन्याहू का ट्रंप को शांति पुरस्कार

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप का इस भव्य स्वागत के दौरान व्यक्तिगत रूप से अभिनंदन किया. उनकी मुलाकात के बाद, नेतन्याहू ने ट्रंप को शांति के प्रतीक के तौर पर एक सुनहरा कबूतर भेंट किया, जिसे 'गोल्डन पीस पिजन' कहा जाता है. यह उपहार शांति और सद्भावना का प्रतीक माना जाता है और इसे ट्रंप के शांति प्रयासों की सराहना के रूप में देखा जा रहा है.

बंधकों की रिहाई: ट्रंप की कूटनीति की जीत

गाजा युद्ध के दौरान वहां फंसे हुए बंधकों की सुरक्षित वापसी को लेकर ट्रंप की कूटनीतिक पहल ने वैश्विक स्तर पर प्रशंसा हासिल की है. इस प्रयास ने इजरायल में उनके राजनीतिक प्रभाव को बढ़ावा दिया है और उनके कंधों पर क्षेत्रीय शांति स्थापित करने की जिम्मेदारी और भी बढ़ा दी है. इस प्रकार की सफलता ने ट्रंप को न केवल इजरायल बल्कि मध्य पूर्व में भी एक प्रभावशाली कूटनीतिक हस्ती के रूप में स्थापित किया है.

अमेरिका-इजरायल संबंधों का नया अध्याय

ट्रंप के इस दौरे और बंधकों की रिहाई के बाद अमेरिका और इजरायल के बीच रिश्तों में न केवल मजबूती आई है, बल्कि दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर भी पैदा हुए हैं. यह सहयोग राजनीतिक, सुरक्षा और आर्थिक क्षेत्रों तक विस्तारित हो रहा है. दोनों पक्षों ने यह स्पष्ट किया है कि वे भविष्य में भी इस मजबूत साझेदारी को जारी रखेंगे ताकि क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

यह भी पढ़ें- भारत-कनाडा के रिश्तों में हो रहा सुधार, इन समझौतों से दोनों देशों के बीच आए अच्छे दिन