नोएडा-ग्रेटर नोएडा में जहरीली हवा का कहर, सांस लेना हुआ मुहाल, AQI 450 के पार; अस्पतालों में बढ़े मरीज

Noida Air Pollution: दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंचता जा रहा है. नोएडा और ग्रेटर नोएडा में स्थितियां गंभीर होती जा रही हैं, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 450 तक पहुंच चुका है.

Noida and greater noida Air Pollution AQI crosses 450
प्रतिकात्मक तस्वीर/ ANI

Noida Air Pollution: दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंचता जा रहा है. नोएडा और ग्रेटर नोएडा में स्थितियां गंभीर होती जा रही हैं, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 450 तक पहुंच चुका है. इसके बावजूद, प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों का प्रभाव ज़मीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहा. इस गंभीर स्थिति ने न केवल सामान्य नागरिकों की परेशानी बढ़ा दी है, बल्कि अस्थमा, श्वसन समस्याओं और अन्य स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों से जूझ रहे लोगों के लिए संकट और बढ़ा दिया है.

दिल्ली-एनसीआर में GRAP-3 लागू होने के बावजूद, गौतम बुद्ध नगर में प्रदूषण का स्तर नियंत्रित नहीं हो पा रहा है. प्रशासन और प्राधिकरण ने सड़कों और पेड़ों पर पानी का छिड़काव करने, प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई करने और जुर्माने लगाने जैसे उपाय किए हैं, लेकिन इनका प्रभाव अभी तक नजर नहीं आया. इन उपायों का जमीन पर असर न होने के कारण लोग जहरीली हवा में सांस लेने के लिए मजबूर हैं.

स्वास्थ्य पर बढ़ते प्रभाव

वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर ने लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाला है. खासकर अस्थमा के मरीजों को सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन, गले में खराश, सिरदर्द और अत्यधिक थकान जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं. विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और हृदय या श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक बन गई है. डॉक्टरों का कहना है कि इस समय प्रदूषण का स्तर पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक हो गया है, जो स्वास्थ्य को और अधिक खतरे में डाल रहा है.

स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में वृद्धि

अस्थमा और श्वसन समस्याओं के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. आमतौर पर नवंबर और दिसंबर के महीनों में प्रदूषण का स्तर कुछ कम हो जाता था, लेकिन इस बार स्थिति उलट हो चुकी है. डॉक्टरों के अनुसार, इस बार प्रदूषण स्तर न केवल कम नहीं हुआ बल्कि और बढ़ गया है, जिससे श्वसन संबंधी रोगों के मरीजों की संख्या में भी वृद्धि हुई है.

डॉक्टरों द्वारा दी गई सलाह

इस खतरनाक प्रदूषण को देखते हुए, डॉक्टरों ने नागरिकों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है. अधिकांश डॉक्टरों का कहना है कि लोग बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें और बाहर जाते वक्त मास्क पहनें. इसके साथ ही हेल्दी डाइट का सेवन भी करें. छोटे बच्चों और बुजुर्गों को खासतौर पर अधिक सावधान रहने की सलाह दी गई है. अगर किसी को ज्यादा परेशानी हो, तो डॉक्टरों से तुरंत संपर्क करें और लापरवाही न बरतें.

प्रदूषण को लेकर बढ़ी चिंता

प्रदूषण के बढ़ते स्तर ने हर कोई को चिंता में डाल दिया है, लेकिन इस स्थिति से निपटने के लिए अब तक सरकार और प्रशासन की तरफ से ज्यादा ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं. यदि इस समस्या को जल्द न सुलझाया गया तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है, जिससे नागरिकों की जिंदगी को और भी खतरा हो सकता है.

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