अब घर बैठे करें काशी के प्रमुख मंदिरों से पूजन, शुरू हुई नि:शुल्क ऑनलाइन सेवा

Varanasi Online Puja: सनातन श्रद्धा का केंद्र काशी, अब एक नई आध्यात्मिक पहल के साथ और भी करीब आ रही है, आपके घर, आपके हृदय तक. देश में पहली बार ऐसी व्यवस्था शुरू हुई है, जिसमें काशी के छह प्रमुख मंदिरों में नि:शुल्क ऑनलाइन पूजन की सुविधा श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जा रही है. 

Now worship the major temples of Kashi from home free online service started
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Varanasi Online Puja: सनातन श्रद्धा का केंद्र काशी, अब एक नई आध्यात्मिक पहल के साथ और भी करीब आ रही है, आपके घर, आपके हृदय तक. देश में पहली बार ऐसी व्यवस्था शुरू हुई है, जिसमें काशी के छह प्रमुख मंदिरों में नि:शुल्क ऑनलाइन पूजन की सुविधा श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जा रही है. 

अब कोई भी श्रद्धालु घर बैठे, मोबाइल के माध्यम से काशी के देवालयों में पूजा-अर्चना करवा सकेगा. इस पावन सेवा की शुरुआत 14 सितंबर को जीवित्पुत्रिका व्रत के अवसर पर मां संतान लक्ष्मी की पूजा से की जाएगी.

यह सेवा किन मंदिरों के लिए है?

काशी के जिन छह प्रमुख मंदिरों में यह सेवा उपलब्ध है, वे महालक्ष्मी मंदिर, बाबा कालभैरव मंदिर, गौरीकेदारेश्वर मंदिर, लोलार्केश्वर महादेव मंदिर, बड़ी शीतला माता मंदिर और अन्नपूर्णा मंदिर  हैं. इन मंदिरों में अब श्रद्धालु नाम और गोत्र के साथ अपने परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की कामना, रोग शांति, और अन्य आध्यात्मिक उद्देश्यों के लिए पूजा करा सकते है, बिना किसी शुल्क के.

कौन कर रहा है यह सेवा संभव?

इस आध्यात्मिक पहल की नींव रखी है बड़ी शीतला माता मंदिर के महंत परिवार ने. पं. शिवप्रसाद पांडेय 'लिंगिया महाराज' की प्रेरणा से उनके पुत्र पं. अवशेष पांडेय 'कल्लू महाराज' ने यह अभियान शुरू किया है. वर्षों से जो परिवार काशी के विभिन्न मंदिरों में पारंपरिक पूजा-अनुष्ठानों में योगदान देता रहा है, अब उसी परंपरा को डिजिटल माध्यम से जन-जन तक पहुंचा रहा है.

कैसे कराएं बुकिंग?

पूजन की बुकिंग अब सिर्फ एक मैसेज की दूरी पर है. श्रद्धालु मोबाइल नंबर 7459016660 पर अपना पूरा नाम, गोत्र, स्थान का पता भेजकर ऑनलाइन पूजन की निशुल्क बुकिंग करा सकते हैं. पंजीकरण और पूजन की संपूर्ण निगरानी महंत परिवार स्वयं करेगा.

क्या मिलेगा श्रद्धालुओं को?

पूजन का वीडियो- स्थानीय श्रद्धालुओं को मंदिर में दिया जाएगा, वहीं देश-विदेश में रहने वाले भक्तों को यह कूरियर द्वारा भेजा जाएगा.

प्रसाद- घर बैठे भक्तों को पूजन का प्रसाद भी भेजा जाएगा, ताकि उनका पुण्य संपूर्ण रूप से प्राप्त हो सके.

छह मंदिर, 24 पुजारी सेवा में पूर्ण समर्पण

हर मंदिर में चार प्रशिक्षित पुजारियों की नियुक्ति की गई है, जो ऑनलाइन माध्यम से श्रद्धालुओं की ओर से पूजा संपन्न कराएंगे. इस प्रकार कुल 24 पुजारियों की एक समर्पित टीम इस सेवाभाव से जुड़ी है.

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